देहरादून, सिखों के प्रमुख तीर्थ तथा उत्तराखंड में 5वें धाम के रूप में पहचान रखने वाले चमोली में स्थित गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब के कपाट 11 अक्टूबर 2023 को शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। गुरद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट की बैठक में यह निर्णय लिया गया.

इस बार 227500 यात्रियों ने माथा टेका, हाजिरी भरी
गुरुद्वारा श्री हेमकुंड साहिब ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने इस संबंध में जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि 20 मई को श्री हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे. इस बार हेमकुंड साहिब यात्रा पर अब तक 2,27,500 श्रद्धालुओं ने गुरु दरबार साहिब में हाजिरी भरी और माथा टेका.

जून माह तक यात्रियों की आमद अच्छी रही
ट्रस्ट के अध्यक्ष के अनुसार कपाट खुलने के बाद जून माह तक हेमकुंड साहिब में तीर्थ यात्रियों की संख्या अच्छी रही. जबकि, जुलाई व अगस्त माह में तीर्थ यात्राओं की संख्या में कमी आई है. बताया, विगत दिवस ट्रस्टियों की बैठक में निर्णय लिया गया कि हेमकुंड साहिब के कपाट 11 अक्टूबर 2023 को बंद किए जाएंगे.
रुतूड़ा में गुरूद्वारा व धर्मशाला निर्माण होगा
ट्रस्ट के मुताबिक तीर्थयात्रियों की बढ़ती आमद को ध्यान में रखते हुए और गाेविंद घाट से रोपवे लागू होने के बाद यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी संभव है. गुरूद्वारा ट्रस्ट अब रतूड़ा गांव, रुद्रप्रयाग में एक गुरूद्वारा व धर्मशाला का आयोजन कर रहा है. यह ऋषिकेश व गोविंद घाट के बीच होगा.