राजधानी मंे आज 11 मार्च सोमवार को लोकसभा चुनाव पर उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों के लिए 18 मार्च से नामांकन होंगे। नाम वापसी की अंतिम तिथि 28 मार्च है। वही आपको बता दें की चुनाव आयोग ने रविवार को लोकसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है।
इस बार के चुनाव सात चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 11 अप्रैल और अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा। मतों की गणना 23 मई को होगी। लोकसभा चुनाव में राज्य के कुल 77,17, 126 मतदाता भाग लेंगे। इसके लिए कुल 11,253 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
वही आपको बता दें कीचुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक उत्तराखंड में उम्मीदवार 18 से 25 मार्च तक नामांकन करा सकेंगे। 26 मार्च को इन नामांकन पत्रों की जांच होगी। 28 मार्च तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। मुख्य निवार्चन अधिकारी कार्यालय से एक जनवरी 2019 के आधार पर तैयार वोटर लिस्ट 31 जनवरी को जारी की जा चुकी है। इसके बाद 23 फरवरी को भी सर्विस वोटर लिस्ट जारी की गई।
वही आपको बता दें की दोनों सूचियों के आधार पर उत्तराखंड में मतदाताओं की कुल संख्या 77 लाख 17 हजार 126 पहुंच गई है। महिलाओं की संख्या 36 लाख 43 हजार 969 और पुरुष मतदाताओं की संख्या 39 लाख 84 हजार 327 है। इसके अलावा 230 थर्ड जेंडर भी इस बार मतदाता बने हैं। वही आपको बता दें कीउत्तराखंड में सर्विस वोटर की संख्या गिरकर 88 हजार 600 रह गई है। पिछले विधानसभा चुनाव में यह आंकड़ा एक लाख पांच हजार तक था। सर्वाधिक सर्विस वोटर पौड़ी गढ़वाल सीट पर हैं। जबकि मतदाताओं के लिहाज से सबसे बड़ी सीट हरिद्वार है।
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान पूरे उत्तराखंड में कुल 62.15 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो राज्य बनने के बाद हुए तीनों लोकसभा चुनावों में सर्वाधिक है। उन्होंने यह भी बताया कि निर्वाचन आयोग को इस बार मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी दर्ज होने की उम्मीद है।
सीएम रावत की ओर से प्रदेशवासियों का मतदान की अपील राज्य के लोगों से लोकतंत्र के इस महान पर्व की सफलता के लिए शत-प्रतिशत भागीदारी की अपील करता हूं।
त्रिवेंद्र रावत, मुख्यमंत्री
लोकसभा सीट मतदाता :-
टिहरी गढ़वाल 14,65,475, हरिद्वार 18,03,950, पौड़ी गढ़वाल 13,37,306, अल्मोड़ा (आरक्षित) 13,21,658, नैनीताल -यूएसनगर 17,88,737
उवही आपको बता दें की पूरे उत्तराखंड में इस बार 11 अप्रैल को मतदान होगा। चुनाव
के दौरान मौसम के चलते इस बार चुनावी तैयारी के दौरान सरकारी मशीनरी के साथ ही राजनैतिक दलों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल इस बार राज्य में अब तक लगातार बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हुई है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने उम्मीद जताई है कि अप्रैल में मौसम ज्यादा अच्छा रहेगा। उन्होंने कहा कि इसका सुखद परिणाम अधिक मतदान प्रतिशत के रूप में नजर आ सकता है। राज्य में 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदान सात मई को हुआ था।
वही आपको बता दें की अगर किसी कारण वंश आपको वोट नही बना या कोई संशोधन या कही गुंम हो गया आदि तो इसके लिए आपका नाम वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं है तो आप अब भी वोटर बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। नियमानुसार नामांकन की अंतिम तिथि तक वोटर लिस्ट में नाम दर्ज हो सकता है। उत्तराखंड में नामांकन की अंतिम तिथि 25 मार्च है। इस तरह उत्तराखंड के लोग 25 मार्च तक अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करा सकते हैं।
इसलिए लोग अंतिम तिथि का इंतजार करने की बजाय जल्द से जल्द आवेदन करें। उन्होंने कहा कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग अंतिम वोटर लिस्ट प्रकाशित करेगा, उसमें अब तक आवेदन करने वाले लोगों के नाम शामिल कर लिए जाएंगे।
उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौजन्या ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है या फिर वो अपना नाम एक जगह से दूसरी जगह स्थानांतरण करवाना चाहते हैं तो इसके लिए अब भी अपने बीएलओ के पास आवेदन कर सकते हैं।