हल्द्वानी। फागुन का महीना अपने शबाब पर है। हर तरफ होली की धूम मची हुई है। ऐसे में खड़ी और बैठकी होली का दौर आपको हर शहर की गली मोहल्लों में देखने और सुनने को मिल जाएगा। इसी कड़ी में हर्ष विहार बिठौरिया नंबर 1 में भी महिलाओं की बैठकी होली में जहां एक ओर कुमाऊं की पारंपरिक होली के गीतों की फुहार बरसती रही वहीं दूसरी ओर बरसाने की होली के गीत सुनने को मिले। महिलाओं ने जहां एक और होली के माध्यम से राधा और कृष्ण का आव्हान किया वहीं अबवीर गुलाल संग नर्सिंगाने की होली को भी अपने गीतों के माध्यम से जीवंत करने का भी प्रयास किया। यहां महिलाओं के द्वारा गाई गई होली में प्रमुख होली बनी रही रही- “होली बरसाने से आई फिजा में उड़त अबीर गुलाल, बईयां न रोक आज लला मेरी बईयां न रोकें,” “होली खेलन गई है राधा से कोई कह देना,” “भगा रे भागा। देखो नंदला राधा ने रंग डाला, “” नदी यमुना के तीर कदम चढ़ी कान्हा के बजाय गयो बांसूर, “ली