
देहरादून, अब सरकारी तेल कंपनियां क्रूड के ग्लोबल भाव के हिसाब से भारत में डीजल और पेट्रोल की खुदरा कीमतें तय करती हैं. पिछले तीन महीने के दौरान क्रूड के दाम में बेतहाशा तेजी के बाद भी डीजल-पेट्रोल के दाम नहीं बढ़े हैं. इसकी असल वजह राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव हैं. लेकिन, अब 10 मार्च के इन विधानसभा चुनावों के परिणाम सामने आने हैं. इसके बाद नई तस्वीर साफ हो जाएगी. जानकार बताते हैँ कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार तेजी जारी है. खास बात ये है कि रूस पर यूक्रेन के बीच हो रहे युद्ध आग में घी डालने का काम कर रहा है. जाहिर है कि अचानक अब तेल के दामों में खासा उछाल देखने को मिलेगा. बुधवार को ग्लोबल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के भी पार हो गया था. इसके चलते भारत में जल्दी ही डीजल और पेट्रोल की कीमतों का बढ़ना लगभग तय हो चुका है. आंकड़ों पर गौर करें तो पेट्रोल की कीमतों में आने वाले दिनों में 30 रुपये प्रति लीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी संभव है.
3 महीने में इतना महंगा हुआ कच्चा तेल
यूक्रेन संकट के चलते पिछले दिनों क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी तेजी देखने को मिली है. क्रूड ऑयल 02 दिसंबर 2021 को 70 डॉलर के आस-पास था, लेकिन अभी यह 110 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल चुका है. दिल्ली में डीजल-पेट्रोल के दाम में 02 दिसंबर के बाद कोई बदलाव नहीं हुआ है. दिल्ली सरकार ने एक दिसंबर को डीजल और पेट्रोल पर वैट में कटौती की थी. उसके बाद से दिल्ली में डीजल और पेट्रोल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है. तब से अब तक क्रूड 57 फीसदी से ज्यादा महंगा हो चुका है. इसके बाद भी घरेलू बाजार में डीजल और पेट्रोल के दाम नहीं बदले गए हैं. हाल ऐसा ही अन्य राज्यों व देशों का भी है.
यहां भी लगातार तेल के दाम बढ़ रहे हैं.
नवंबर की शुरुआत में मिली थी ये राहत
करीब 3 महीने पहले देश के कई राज्यों में पेट्रोल और डीजल के भाव 100 रुपये प्रति लीटर के स्तर को पार कर गए थे. इसके बाद केंद्र सरकार ने 03 नवंबर 2021 को पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने का ऐलान किया था. केंद्र सरकार के इस कदम के बाद कई राज्य सरकारों ने भी वैट में कटौती की थी. इससे आम लोगों को रिकॉर्ड महंगे डीजल-पेट्रोल से राहत मिली थी. हालांकि अब यह राहत बहुत दिनों तक मिलते रहने की उम्मीद कम है.
क्या फिर से सरकार करेगी कोई उपाय
जिस हिसाब से क्रूड ऑयल के दाम दिसंबर के बाद से बढ़े हैं, अगर सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम उसी तरह बढ़ाए तो जल्दी ही इसमें 30 रुपये से ज्यादा की तेजी आ सकती है. अभी पेट्रोल का दाम दिल्ली में 02 दिसंबर से 95.41 रुपये है. जब नवंबर में केंद्र सरकार ने एक्साइज में कटौती की थी, तब क्रूड ऑयल 82 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास था. इस तरह नवंबर की तुलना में अभी क्रूड ऑयल करीब 35 फीसदी महंगा हो चुका है. इस हिसाब से तेल कंपनियों ने डीजल और पेट्रोल के दाम बढ़ाए तो जल्दी ही इनकी खुदरा कीमतें नया रिकॉर्ड बना सकती हैं. विशेषज्ञ बताते हैं कि अब पेट्रो पदार्थों के दामों में बढ़ोत्तरी होना कोई भी नहीं रोक सकता है. खासकर तब, जब दो देशों के बीच युद्ध जारी है और कितने दिन युद्ध चलेगा, ये भी मालूम नहीं है. ऐसे में आम लोगों पर मार पड़नी तय है. जाहिर है इसके कारण आम आदमी को महंगाई की मार झेलने को तैयार रहना होगा. वैसे भी पहले से आम आदमी कोरोना की मार तीन वर्षों से झेल रहा है.