देहरादून, रायपुर ब्लॉक के सुदूरवर्ती राजकीय इंटर कॉलेज ” द्वारा ” में पूर्व सैनिकों सूबेदार मेजर तीरथ सिंह रावत , महावीर सिंह राणा, अध्यक्ष गौरव सेनानी एवं सूबेदार मेजर जगमोहन सिंह नेगी सेवा निबृत द्वारा कॉलेज के छात्र छात्राओं को सेना में भर्ती होने एवम एनडीए, सीडीएस, टेक्निकल एंट्री आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ब्यक्तिव्त्व विकाश संबंधी मोटिवेशनल टिप्स की जानकारी दी गई, जिसमे छात्र छात्राओं ने काफी रुचि ली। इसके अलावा छात्राओं को सेना की महिला विंग में सेना पुलिस के तौर पर कैसे एंट्री की जाती है और इसके लिए कैसे तैयारी की जाती है विस्तृत जानकारी दी गई। इस मौके पर जीआईसी “द्वारा” के प्रधानाचार्य श्री विजय श्रीवास्तव, अध्यापिका श्रीमती सुमन बिष्ट, अध्यापक दीपेश रतूड़ी, अमित सिंह, जगमोहन सिंह नेगी,विनोद प्रसाद पांडेय, राकेश कुमार टम्टा, अध्यापिका कमलापति मैथानी,राकेश मिश्र, श्रीमती किरण डांड्रियल, श्रीमती नीलम ममगाईं, श्रीमती मगनी उनियाल, महेंद्र कुमार घिल्डियाल, श्री आनंद सिंह राणा एवम श्री मनीष डोभाल सभी कॉलेज के अध्यापक, अध्यापिकाएं एवम लिपिक वर्ग भी उपस्थित रहे। सूबेदार मेजर तीरथ सिंह रावत ने कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री विजय श्रीवास्तव जी की इस बात के लिए सराहना की कि उनका कॉलेज देहरादून शहर से दूर ग्रामीण छेत्र में होने के बाबजूद भी उनके द्वारा समय समय पर स्कूल के छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही प्रधानाचार्य महोदय से एक निवेदन किया की जब स्कूल से छात्र छात्राएं बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करके विद्यालय से उच्च शिक्षा हेतु या अपनी आजीविका हेतु निकलेंगे उन्हें कॉलेज की तरफ से एक घोषणा पत्र हस्ताक्षरित करवाया जाए की में अपनी जिंदगी में ना कभी दहेज लूंगा एवम ना ही दहेज दूंगा। साथ ही बच्चों को पॉलीथिन के प्रयोग के दुष्प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई एवम इसको प्रयोग ना करने की कसम भी छात्रों को दिलाई गई। छात्रों को नशे के दुष्परिणाओं के बारे में भी एवम इसका प्रयोग ना करने की भी प्रतिज्ञा दिलाई गई। उसके बाद भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय विभाग की टीम द्वारा नुक्कड़ नाटक की मदद से बच्चों को कोविड के रोकथाम एवम इसको फैलने के बचाव के बारे में जानकारी दी गई। प्रधानाचार्य महोदय द्वारा पूर्व सैनिकों एवं सूचना एवम प्रसारण विभाग की टीम का बच्चों को जागृत करने पर आभार व्यक्त किया।