पानी का संकट गहराएगा, अभी बच्चों को दें जानकारी

नैनीताल 07 अगस्त – सचिव पेयजल अरविन्द सिंह ह्यांकी ने कहा कि भविष्य में पानी की समस्या निपटने के लिए हम सभी को अभी से जल संचय, संरक्षण, सवंर्धन करना होगा। नैनीताल क्लब में बैठक लेते हुए उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी जल शक्ति अभियान के अन्तर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यो में गति लायें, उन्हें पूर्ण करते हुए पोर्टल पर अपलोड भी करना सुनिश्चित करें। श्री ह्यांकी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि खुले मन, अच्छी भावना एवं पूरी तन्मयता से ऐसी कार्य योजना तैयार करें कि भविष्य में जनपद में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हों और अभियान अपने उद्देश्यों की पूर्ति में सफल हो सके। उन्होंने अभियान से जुड़े सभी अधिकारियों आपसी तालमेल से आगे की कार्य येाजना एक सप्ताह के भीतर तैयार करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता को निर्देशित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को बाल्यावस्था से ही जल का महत्व बताते हुए जल संरक्षण के प्रति सचेत किया जाए जो जल संरक्षण के लिए भविष्य में सशक्त माध्यम साबित होगा। उन्होंने बच्चों को नित प्रार्थना में जल संरक्षण से सम्बन्धित छोटे-छोटे सुझाव दें ताकि बच्चे अभी से अपनी आदतों में शुमार कर जल संरक्षण में अभी से अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
सचिव श्री ह्यांकी ने कहा कि जल शक्ति अभियान के अन्तर्गत पूरे भारत में 256 जनपद लिए गए हैं। जिसमें हमारे जनपद की वर्तमान में 81 रैंक है। उन्होंने कहा कि सभी सम्बन्धित विभाग जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु मनरेगा से युगपतिकरण कर कार्य करायें। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण कार्य नदी, नालों के रिचार्ज ज़ोनों के साथ ही वन पंचायतों, सिविल सोयम व आरक्षित वनों में भी वृहद्ध वनीकरण करते हुए चाल-खाल, खंतिया, चैक डेम,तालाब, कच्चे पोखर आदि बनाने के कार्य किये जायें। उन्होंने कहा कि ब्लाॅक, न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत स्तर पर कृषि मेले, जागरूकता अभियान चलाकर जन सहभागिता बढ़ायी जाये। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण एवं संवर्धन हेतु नए कार्यों के स्थान पर परम्परागत जल संरचनाओं का पुर्नोद्धार किया जाए, इसके साथ ही छोटे-छोटे गाढ़-गधेरे, नोलों आदि के रिचार्ज एवं पुर्नोद्धार की दिशा में काम किया जाए। सचिव ने कहा कि निकाय क्षेत्रों में भी छोटे नदी, नाले, नलकूप हैं उन्हें भी रिचार्ज करने हेतु चैकडेम आदि बनाये जायें ताकि भूमिगत जल स्तर बना रहे। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बिल्डिंग बायलाॅज में छत वर्षा जल संग्रहण भी अनिवार्य किया जाए।
वैज्ञानिक राहुल कुमार जायसवाल ने जनसहभागिता बढ़ाने हेतु कृषि मेले, योजनाओं में सफलता की प्रेरक कहानियाॅ, अभिनव कार्य, भूमि की नमी जाॅच, सिंचाई कार्यों में बढ़ोत्तरी आदि सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता बढ़ाने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, युवा एवं महिला मंगल दलों आदि को भी जोड़ा जाए।
जिलाधिकारी श्री सविन बंसल ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए जल संचय, संरक्षण, जल संवर्धन कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए साथ ही उन्हें तुरन्त पोर्टल पर अपलोड करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु सभी दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराया जाएगा तथा दिए गये महत्वपूर्ण सुझावों को भी कार्य योजना में शामिल किया जाएगा।

बैठक में उप सचिव भारत सरकार समिता अरोड़ा, मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी टीआर बीजुलाल, दिनकर तिवाड़ी, परियोजना निदेशक बालकृष्ण, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार, सीएचओ भावना जोशी, डीपीआरओ अखिलेश शुक्ला आदि मौजूद रहे।


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