पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा बोलते थे, ऐंच लगावा डाला, बिजली बनावा खाला खाला
*उनका कहना था कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पौधे रोपे जाएं और निचले इलाकों में छोटी नदियों पर बिजली बनाई जाए

देहरादून, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने विश्व प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और पद्मविभूषण सुंदरलाल बहुगुणा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिपको आंदोलन को जन जन का आंदोलन बनाने वाले पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का निधन न केवल उत्तराखण्ड और भारतवर्ष बल्कि समस्त विश्व के लिये अपूरणीय क्षति है। सामाजिक सराकारों व पर्यावरण के क्षेत्र में आई इस रिक्तता को कभी नहीं भरा जा सकेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को धैर्य व दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा 8 मई से ऋषिकेश एम्स में भर्ती थे. उनके स्वास्थ्य में लगातार उतार चढ़ाव आ रहा है. इसको देखते हुए उन्हें आईसीयू में लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था. वे पिछले दिनों कोरोना संक्रमण के चपेट में आ गए थे. जबकि पहले से वे सुगर के मरीज भी रहे हैं. इधर, उनके निधन पर उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ने गहरा शोक व्यक्त किया है। विधानसभा अध्यक्ष ने उनके निधन को देश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा है कि विश्व विख्यात चिपको आंदोलन के प्रणेता रहे सुंदरलाल बहुगुणा ने जीवन पर्यंत वृक्षों के प्रति लोगों में मोह जागृत करने, पर्यावरण संरक्षण, हिमालय और नदियों के संरक्षण के लिए कई आंदोलनों की अगुवानी की। कहा, वे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे.