108 आपात कालीन सेवा और खुशियों की सवारी से जुडे पूर्व कर्मचारियों ने सेवा बहाली समेत विभिन्न मांग को लेकर मंगलवार को भी अनिश्चितकालीन धरना 43 वें दिन भी जारी रहा। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय कूच किया। कूच के दौरान सुभाष रोड में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेंटिग लगाकर रोक लिया। इस पर प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने इन पर लाठियां भी भांजी। पुलिस ने सभी पूर्व कर्मचारियों को गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल ले गई।
बता दें कि उत्तराखंड के 108 आपातकालीन सेवा और खुशियों की सवारी सेवा (केकेएस) के बैनर तलके अपनी मांगों के समाधान को लेकर 30 अप्रैल से अनिश्चिकालीन धरने पर है। इसी दौरान सामाजिक एवं राजनैतिक संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं का पूर्व कर्मियों को अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष विपिन जमलोकी ने कहा कि आज सरकार ग्यारह साल से रोजगार में लगे हुए कर्मचारियों को हटाने का काम कर रही है। जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से वार्ता किये जाने के बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। कहा कि आज प्रदेश की स्वास्थ्य सेवायें चरमरा गई है।प्रदेश सरकार कैंप संस्था को आपातकालीन सेवा और खुशियों की सवारी का काम बाहरी लोगों को दिया गया है। इस सेवा से ग्यारह वर्षो से जुड़े रहे उन्हें बाहर निकालने का काम कर रही है जिसे किसी भी दशा में सहन नहीं किया जाएगा। कहा कि सरकार की ओर से कोई भी कार्ययोजना नहीं तैयार की गई है।
सचिवालय कूच न करने देने पर उग्र हुए 108 के कर्मचारी
परेड ग्राउंड में धरना देने के पश्चात 108 के पूर्व कर्मचारियों ने सचिवालय कूच किया। कूच के दौरान प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बैरिकेटिंग लगाकर रोक लिया। इसके बाद वे वहीं धरने पर बैठ गए। जैसे ही प्रदर्शनकारी उग्र हुए तो पुलिस ने उन पर लाठिंया भाजनी शुरु कर दिया। अधिक विरोध होने पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने 350 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर सुद्धोवाला जेल ले गई। इसके पश्चात सभी कर्मचारियों को छोड़ दिया।


