मसूरी के खाला गांव में बनेगा सबसे बड़ा बॉटनिकल गार्डन, 2.84 करोड़ का अनुमोदन

हार्टी टूरिज्म से जुड़ेगा यह उद्यान, बागवानी के नए आयामों से परिचित होंगे सैलानी

Dehradun, हिल क्वीन यानि पहाड़ों की रानी मसूरी आने वाले टूरिस्ट भविष्य में न केवल वानस्पतिक उद्यान की सैर कर सकेंगे, बल्कि बागवानी के नए आयामों से भी परिचित होंगे। मसूरी क्षेत्र के खाला गांव में पुष्प प्रखंड एवं वानस्पतिक उद्यान विकसित करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं. कृषि मंत्री गणेश जोशी के अनुसार इस वानस्पतिक उद्यान के लिए 2.84 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दे दी है. इसको सरकार हार्टी टूरिज्म से जोड़ने की तैयारी कर रही है. गार्डन में पर्यटन सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

Eco टूरिज्म का मिलेगा लाभ 

पर्यटन के क्षेत्र में नए आयाम जोड़ते हुए सरकार ने प्रदेश में स्थित उद्यान विभाग के राजकीय उद्यानों में हार्टी टूरिज्म की योजना को फाइनल टच दे रही है.साफ है कि पर्यटक इन उद्यानों की सैर का आनंद उठाने के साथ ही हार्टिकल्चर की गतिविधियों और तकनीकी की जानकारी हासिल कर सकें। इसी क्रम में मसूरी क्षेत्र के खाला गांव में सरकारी भूमि पर पुष्प प्रखंड एवं वानस्पतिक उद्यान विकसित करने की येाजना बनाई गई है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस वानस्पतिक उद्यान में पौधों की विस्त़ृत श्रृंखला का संग्रह होगा।

यैसा होगा गार्डन
कृषिकरण
संग्रहालय
ओपन थिएटर
पुस्तकालय
कैंटीन
आकर्षक झरने

पौधों के संरक्षण एवं बागवानी से संबंधित प्रदर्शन स्थल र्यटकों को मिले आसपास के अन्य स्थलों की जानकारी उद्यान मंत्री के मुताबिक यह उद्यान वनस्पति शास्त्रियों, नर्सरी संचालकों, बागवानों, लैंडस्केपर्स के साथ ही स्टूडेंट्स के लिए उपयोगी साबित होगा। बंजर भूमि पर इस उद्यान को विकसित कर नदी किनारे की भूमि को पेड़-पौधों के माध्यम से लैंडस्कैपिंग कर हार्टी टूरिज्म के तहत पर्यटकों के लिए आवागमन सुलभ बनाया जाएगा। CS की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति से आरकेवीवाई में यह योजना अनुमोदित हो गई है। इसे विस्तार देने के लिए ADB की परियोजना से भी जोड़ा जाएगा.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *