
देहरादून, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटा.) ने हॉर्टिकल्चर विभाग को उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में मधुमक्खी के बाक्स लगाने के निर्देश दिए हैं। कहा है कि भूतपूर्व सैनिकों को भी मधुमक्खी पालन का ट्रेंड किया जाय।
दरसल, बुधवार को राजभवन में रखे गए मधुमक्खियों के बाक्स से शहद निकाला गया। जिनसे इस वर्ष पांच बाक्स से करीब 40 किलो शहद प्राप्त हुआ है। राजभवन में उत्पादित होने वाले शहद से राज्यपाल प्रति वर्ष देशभर के अति विशिष्ट महानुभावों को उत्तराखंड के गिफ्ट के तौर पर भेंट करते हैं। राजभवन में मेलीफेरा स्पेसीज की मधुमक्खियां रखी गई हैं। इन्हीं से शहद प्राप्त होता है। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि राज्य के पर्वतीय जिलों विशेषकर सीमांत क्षेत्र में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा मिलना चाहिए। जिसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को भी इस कार्य से जोड़ा जाए। उनका कहना था कि विश्व धरोहर फूलों की घाटी में मधुमक्खी पालन की अपार संभावनाएं हैं। यहां फूलों की तमाम प्रजातियां हैं। जाहिर है कि प्रकृति के इस वरदान का लाभ समस्त राज्यवासियों को मिलना चाहिए।
राज्य में 7020 मधुमखी पालक
राज्यपाल का कहना है कि राज्य में शहद को अंतरराष्ट्रीय बाजार में श्रेष्ठ ब्रांड के रूप में स्थापित करने की आवश्यकता है। उद्यान निदेशक डा एचएस बावेजा ने बताया कि उत्तराखंड में 7020 मधुमक्खी पालक हैं। ये 12175 क्विंटल शहद का उत्पादन कर रहे हैं। इस अवसर पर अपर सचिव स्वाति एस भदौरिया, उद्यान निदेशक डा एचएस बावेजा एवं उद्यान विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पेंटिंग भी खरीदी
राज्यपाल ने किया आर्ट गैलरी का अवलोकन
राज्यपाल ने बुधवार को वसंतोत्सव के अवसर पर राजभवन में लगी आर्ट गैलरी का अवलोकन किया। उन्होंने सभी चित्रकारों व फोटोग्राफर से बातचीत भी की और उनका उत्साहवर्धन किया। राज्यपाल ने उत्तराखंड से संबंधित पेंटिंग भी खरीदी।