देहरादून, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 1526 मुकदमों को निस्तारित किया गया। जबकि , इस दौरान 6 करोड़ 7 लाख 53 हजार रुपये की धनराशि पर समझौता हुआ। लोक अदालत सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चली। जिला जज प्रदीप पंत व प्राधिकरण की सचिव नेहा कुशवाहा ने लोक अदालत का जायजा भी लिया। सचिव नेहा कुशवाहा के अनुसार लोक अदालत देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला और चकराता की न्यायालयों में आयोजित की गया।
17 पीठ का हुआ गठन
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम, सिविल मामले, पारिवारिक मामले, चेक बाउंस और अन्य आपराधिक मामले जिनमें समझौता किया जा सकता था, वह सभी लोक अदालत में लगाए गए । इसके लिए 17 पीठ का गठन किया गया। सबसे अधिक चेक बाउंस के 325 वाद का निस्तारण किया गया। जबकि, प्री लिटिगेशन स्तर के बैंक रिकवरी के मामले और 312 प्री लिटिगेशन मामलों का निस्तारण आपसी समझौते के आधार पर किया गया। जिसमें दो करोड़ दो लाख 56 हजार धनराशि की रिकवरी की गई। उन्होंने बताया कि लोक अदालतें सरल व तुरंत न्याय पाने का एक अच्छा माध्यम है। लोक अदालत के दौरान स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राजीव कुमार व सदस्य मंजूश्री सकलानी ने विभिन्न बैंकों, इंश्योरेंस, भू संपदा, बिजली व पानी के कुल 243 केस का सुलह समझौतों के आधार पर निस्तारण किया। इसमें एक करोड़ 85 लाख 19 हजार की वसूली की गई।