
देहरादून, स्थानीय लोगों के आरोप है कि राजधानी देहरादून का एक ऐसा स्वास्थ्य केंद्र जो चल रहा है एक पेड़ के सहारे. आरोप ये भी हैँ कि कौलागढ़ की पार्षद और मेयर की मनमानी के कारण कौलागढ़ का स्वास्थ्य केंद्र खुले आकाश के नीचे एक पेड़ के सहारे संचालित को मजबूर है. सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जोशी ने बताया कि करीब 50 वर्षों से कौलागढ़ वार्ड का स्वास्थ्य उपकेंद्र पंचायत घर में संचालित होता था लेकिन समिधा गुरूंग के पार्षद और सुनील उनियाल गामा के मेयर बनने के बाद से स्वास्थ्य उपकेंद्र का संचालन पंचायत घर से नही करने दिया जा रहा है. केवल वार्ड के निवासी ही नही आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य उपकेंद्र की एएनएम तक पार्षद और मेयर से कई बार स्वास्थ्य उपकेंद्र को पूर्व की भांति पंचायत घर में संचालित करवाने का अनुरोध कर चुकी हैं. लेकिन मेयर साहब ने साफ इंकार कर दिया. यही नहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भगवन्तपुर जिसके माध्यम से कौलागढ़ का स्वास्थ्य उपकेंद्र संचालित होता है, के प्रभारी चिकित्सक आशाराम थपलियाल खुद मेयर साहब से स्वास्थ्य उपकेंद्र को पंचायत घर में संचालित करवाने का अनुरोध कर चुके हैं. लेकिन, उनकी का भी मान नही रखा गया. कैंट विधायक सविता कपूर से भी कई बार स्वास्थ्य उपकेंद्र को पंचायत में स्थान दिलाने का अनुरोध किया जा चुका है. लेकिन कोई लाभ नही हुआ. स्वास्थ्य उपकेंद्र में बुधवार और शनिवार को टीकाकरण कार्य होता है. पिछले दिनों लगातार बारिश के कारण बारिश के बीच स्वास्थ्य उपकेंद्र की एएनएम द्वारा खुले आकाश के नीचे एक पेड़ सहारे टीकाकरण कार्य करना पड़ा. इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं का क्या हाल है.

स्वास्थ्य उपकेंद्र में रोज़ एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपनी सेवाएं देने आती हैं. लेकिन कोई स्थान न मिलने के कारण उनको भी खुले आकाश के नीचे बैठकर अपना कार्य करने को मजबूर होना पड़ रहा है. प्रभारी चिकित्सक आशाराम थपलियाल कहना है कि अगर कौलागढ़ वार्ड में स्वास्थ्य उपकेंद्र को उचित स्थान नही मिलेगा तो स्वास्थ्य उपकेंद्र को दुसरे किसी गांव में स्थानांतरित कर दिया जायेगा. पार्षद और मेयर की मनमानी के चलते वर्षों से कौलागढ़ वार्ड संचालित होने वाला स्वास्थ्य उपकेंद्र आज दुसरी जगह स्थानांतरित होने की कगार पर है. जिससे कौलागढ़ वासियों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.