दून में ऐसा जेल, जहां नेहरू ने चार बार सजा काटी, उन्हें बरेली से लाया गया था दून
देहरादून में एक ऐसा पुराना कारागार, जहां देश के पहले प्रधानमंत्री पं. नेहरू ने स्वतंत्रता की लड़ाई में चार बार जेल में जीवन व्यतीत किया था। उनको बरेली से देहरादून अन्य कैदियों के साथ लाया गया था। जवाहर लाल नेहरू को दून की वादियों काफी पसंद थी। इस जेल में पं. नेहरू को 1932, 1933, 1934 और 1941 में बंदी बनाकर लाया गया था। उन्होंने इसी जेल ग्लिम्पसेस ऑफ वर्ल्ड हिस्ट्री, डिस्कवरी ऑफ इंडिया जैसी किताबों के प्रमुख अंश यहीं पर लिखे। इतिहासकारों के अनुसार वर्ष 1939 में इंदिरा गांधी के नाम नामक पत्र भी उन्होंने इसी जेल से लिखा। आज भी इस जेल में नेहरू जी की कुर्सी, मेज, बेड और किचन मौजूद है। उत्तराखंड कल्चरल डिपार्टमेंट ने इस नेहरू वार्ड को कल्चरल डिपार्टमेंट ने हेरिटेज के तौर पर विकसित किया है। जिसको नेहरू वार्ड भी कहते हैं। बाल दिवस 14 नवंबर पर यहां नेहरू को याद करने वाले पहुंचते हैं। अब इसको बृहद तौर पर विकसित करने की तैयारी है। म्यूजियम बनेगा और उनसे जुड़े जानकारियां पर्यटकों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएंगी।