देहरादून, 14 फ़रवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव में मतदान केंद्रों (पोलिंग बूथ) की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने कमर कस ली है। इसके तहत प्रदेश के 1842 संवेदनशील/अति संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज यानी सीएपीएफ) के कंधों पर होगा। इन बूथों पर चुनाव आयोग के आदेश पर पुलिस विभाग की ओर से सीएपीएफ की 60 से अधिक कंपनी तैनात होंगी।
राज्य के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने बताया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य में संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ चिह्नित किए जा रहे हैैं। अब तक प्रदेश में 1034 बूथ संवेदनशील और 808 बूथ अति संवेदनशील श्रेणी के चिह्नित किए गए हैैं।
सबसे अधिक 400 संवेदनशील/अति संवेदनशील बूथ ऊधमसिंह नगर जिले में हैैं।
इसके बाद हरिद्वार में 300 से अधिक और देहरादून में 200 से अधिक संवेदनशील व अति संवेदनशील बूथ हैैं।
नैनीताल और पिथौरागढ़ में इस श्रेणी के बूथ 100 से अधिक हैैं।
डीजीपी ने बताया कि संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथ चिह्नीकरण की प्रक्रिया अभी भी चल रही है। बॉर्डर पर भी सीएपीएफ तैनात होंगी। चुनाव के दौरान नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी बढऩे की संभावना रहती है, इसके चलते राज्य की सीमाओं पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक संपन्न हो चुकी है। इसमें खासकर उत्तर प्रदेश और हिमाचल से पूरा सहयोग लिया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस भी दोनों राज्यों को सहयोग कर रही है। जिससे शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सम्पन्न करए जा सके। इसके लिए पुलिस कोई कोताही नही बरतना चाहती है।