तीन साल पहले ग्राम प्रधान बनी, 31 घरों में टॉयलेटस की व्यवस्था सुधारी, बर्बाद हो रहे पानी का प्रयोग करवाया, अब राष्ट्रपति सम्मान

-*उत्तराखण्ड की दो महिला सरपंचों को स्वचछ सुजल शक्ति सम्मान
– चयनित होने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई*
– दून की निकिता चौहान और बागेश्वर की कविता देवी भी शामिल
-*दोनों को 04 मार्च को नई दिल्ली में राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित*

Dehradun, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर जिले की कविता देवी तथा देहरादून जिले की निकिता चौहान को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित होने पर बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारे राज्य की महिला सरपंचों को यह सम्मान मिलना प्रदेशवासियों विशेषकर यहाँ की महिलाओं के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उत्तराखण्ड में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान है। यह सम्मान उन सभी लोगों को प्रेरित करेगा जो अपने गांवों को स्वच्छ बनाने तथा गांवों में जल संरक्षण के लिए कार्य कर रहे हैं। गांवों को स्वच्छ बनाने, ओडीएफ प्लस मॉडल गांवो के निर्माण, हर घर जल मिशन व जल संरक्षण में ग्राम प्रधानों एवं सरपंचों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर मिलेगा सम्मान

कहा, उत्तराखण्ड में महिला ग्राम प्रधान, महिला सरपंच, महिला स्वच्छाग्रही, महिला स्वयं सहायता समूह, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री बहनें धरातल स्तर पर अपनी प्रभावी नेतृत्व क्षमता और कुशल प्रबन्धन के माध्यम से राज्य के विकास में असाधारण योगदान दे रही हैं। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान के तहत 4 मार्च से अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। इस वर्ष उत्तराखण्ड की दो महिलाओं का चयन भी स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए हुआ है। 4 मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू तथा केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत इन्हें सम्मानित करेंगे। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जनपद बागेश्वर से सरपंच कविता देवी तथा देहरादून जिले से सरपंच निकिता चौहान को अपने गांवो को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) प्लस मॉडल बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य तथा असाधारण योगदान देने हेतु स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान 2023 के लिए चयनित किया गया है।

3 सालों का सफर सम्मान तक ले गया
निकिता ने 2019 में ग्राम प्रधान का जिम्मा संभाला. उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. सरकारी ग्रांट के बदौलत 21 घरों में जीर्ण शीर्ण टॉयलेटस को ठीक कराया. जबकि, 11 घरों में नई शौचालय के निर्माण करवाए. बाथरूम और बारिश के पानी को बर्बाद होने से रोका. महज 3 साल में अब निकिता सम्मान तक पहुँच हई हैं.

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