कब्र बिज्जू से दून में खौफ, महकमा परेशान, कई स्थानों पर पिजड़े लगाए

देहरादून

देहरादून, दून सिटी में पहले बंदर उसके बाद लेपर्ड, फिर हाथी और अब बिज्जू की दस्तक से दूनवासी दहशत में है। यही वजह है कि वन विभाग ने लगातार शिकायतों को देखते हुए देहरादून के कई इलाकों पिंजरे लगाए हैं। वन विभाग के अधिकारिंयो के अनुसार बिज्जू वाइल्ड एनिमल है और आम मनुस्य को इससे कोई नुकसान नही पहुंचता है।

वाइल्ड लाइफ इंस्टियूटट ऑफ इंडिया के साइंटिस्ट डॉक्टर विभास पांडव के मुताबिक बिज्जू का देहरादून में दिखाई देना आम बात है । विजू से किसी भी मनुष्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है । ऐसे में आम लोगों के बीच जो दहशत है उससे डरने की कोई जरूरत नहीं है । पिछले हफ्ते के दौरान वन विभाग को कई शिकायत मिली हैं। जिसमें डीएल रोड, डिफेंस कॉलोनी , मोहनी रोड आदि इलाकों में रात को जंगली जानवर बिज्जू दिखाई दे रहा है। इसके बाद बिज्जू को लेकर लोगों ने वन विभाग से पिंजरे लगाने की मांग की है। इसको देखते हुए वन विभाग ने करीब आधे दर्जन से अधिक इलाकों में बिज्जू पकड़ने और जंगल में छोड़ने के लिए पिंजरे लगाए हैं । वन विभाग मुख्यालय के रेस्क्यू टीम के प्रमुख सदस्य रवि जोशी खुद बिज्जू को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने में शामिल रहे हैं । इधर देहरादून केटीएफओ राजीव धीमान ने बताया है कि बिज्जू देहरादून में दिखाई देना आम बात है। साइंटिस्ट डॉक्टर पांडव कहते हैं कि बिज्जू को डॉग्स से सबसे ज्यादा खतरा है। बताया जा रहा है कि कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो रहे दून में जंगल के जानवरों का नेचर साईकल बिगड़ जाने से जंगली जानवर शहरों की ओर भाग गए हैं, जो बेहतर संकेत नही है। यही कारण है कि जंगल से शाहटों की ओर जंगली जानवर प्लेनकर रहे हैं।