दून में रोज 400 टन कूड़ा, इसमें 200 टन गीला, ’प्लास्टिक व सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का अनुपालन अब जरुरी, नहीं तो भरना पड़ेगा जुर्माना

Dehradun, मानव स्वास्थ्य के साथ ही पर्यावरण पर कचरे के प्रतिकूल प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबन्धन नियम-2016 एवं ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम-2016 के नियमों का अनुपालन करवाने के लिए नगर निगम दून ने सख्त हो गया है. इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किये हैं। यहाँ तक कि दून नगर निगम की ऒर से अपशिष्ट प्रबन्धन के नियमों के अनुपालन न करने पर जुर्माना भी तय किया गया है।

 

कम्पोस्टिंग से स्वयं करना होगा प्रबंधन

दून शहर में रोज 400 टन कूड़ा निकलता है. जिसमें से लगभग 200 टन गीला कूड़ा निकलता है। स्वच्छ भारत मिशन एवं ठोस कचरा प्रबंधन नियमों के तहत यह अनिवार्य किया गया है कि समस्त जन या प्रतिष्ठान अपने कचरे को श्रेणीवार पृथक-पृथक करके ही रखे. उसी प्रकार उसका निस्तारण किया जाए, इन्हीं नियमों के तहत, बल्क वेस्ट जेनरेटर की एक श्रेणी भी चिन्हित की गई है, जो ऐसे संस्थान/प्रतिष्ठान है, जिसमें बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे बल्क वेस्ट जेनरेटर को नियमों के अनुसार आवश्यक है, कि अपने गीले कचरे का कम्पोस्टिंग के माध्यम से स्वयं प्रबंधन करें। इन्हीं नियमों के अनुपालन के लिए नगर निगम सख्त रवैया अपनाने की तैयारी कर रहा है। 

 

कुछ समय पहले नगर निगम के द्वारा होटल/रेस्टोरेंट एवं हाईराइज अपार्टमेंट्स के साथ संवाद भी स्थापित किया गया। कचरे के बेहतर प्रबंधन हेतु बल्क वेस्ट जेनरेटर को सुविधा देने के लिए । App लॉच की गयी, परन्तु BWGs के द्वारा रुचि न लेने के कारण नगर निगम को, ये सख्त कदम उठाने पर बाध्य होना पड़ा है। 

प्रतिष्ठानों को स्वयं निस्तारित करना होगा

नगर निगम दून द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में देहरादून नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत Bulk waste generator की श्रेणी में आने वाले समस्त प्रतिष्ठानों, जैसे सिनेमाघरों, माॅल, शॉपिंग काॅम्पलैक्स, होटल एवं रेस्तरां, कैफे, मोबाईल फूड काउन्टर/वैन, कैटरर्स, वैडिंग/पार्टी हाॅल, मीट शॉप, फल एवं सब्जी मण्डी व्यवसायियों आदि के द्वारा अपने प्रतिष्ठान में उत्पादित होने वाले ठोस अपशिष्ट का ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन नियम-2016 के अनुसार पृथकीकरण करते हुए स्वयं निस्तारण करना होगा। इसके अतिरिक्त 50 निवास/रिहायसी ईकाईयों से अधिक के हाईराईज एपार्टमेंट/मल्टी फ्लोर रेजिडेन्सियल सोसाईटी को भी उक्तानुसार सूखा-गीला कूड़ा पृथकीकरण करते हुए निस्तारण करना होगा।

अपशिष्ट प्रबन्धन नियम-2016 एवं कचरे के बेहतर प्रबन्धन के लिए नगर निगम दून द्वारा निदेशों के अनुपालन के लिए संस्थानों को सूखा कचरा/प्लास्टिक कचरा पृथक-पृथक करते हुए सीधे रिसाईकलर को उपलब्ध कराना होगा.

 

 बल्क वेस्ट जनरेटर की श्रेणी में आने वाले उपरोक्त समस्त संस्थानों को गीले कूड़े/जैविक कूड़े को पृथकीकरण करते हुए कम्पोस्टिंग या अन्य विधिमान्य तरीके से स्वयं निस्तारण करना होगा।

              

नगर आयुक्त मनुज गोयल ने बताया कि समस्त संस्थानों को नगर निगम दून द्वारा नोटिस के प्रकाशन होने के 20 दिवस के भीतर अपने संस्थान के अपशिष्ट प्रबन्धन की नियमानुसार कार्ययोजना निगम को उपलब्ध करानी होगी.

 

 एक माह के भीतर निर्देशों का क्रियान्वयन भी करना होगा। ऐसा न करने पर जुर्माना/चालान किया जायेगा.

 

 बताया गया कि 20 दिवस के भीतर अपशिष्ट प्रबन्धन की नियमानुसार कार्ययोजना न देने पर प्रथम जुर्माना रुपये पांच हजार

 

उसके बाद प्रत्येक बार रुपये दस हजार का जुर्माना निर्धारित किया गया है

 

 कार्ययोजना जमा करने व स्वीकृति के पश्चात् एक माह में कार्ययोजना अनुसार क्रियान्वयन न करने की स्थिति में प्रथम बार रुपये दस हजार

 

उसके बाद बीस हजार का जुर्माना प्रत्येक बार निर्धारित किया जायेगा, आदेश तत्काल प्रभाव से लागू

 

28 फरवरी 2023 को नगर निगम टाउन हॉल में बैठक का आयोजन, सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श किया

 

दिशा निर्देश के अनुपालन सम्बन्धी प्रश्न नगर निगम के समक्ष रख सकते हैं.

 

:::अपशिष्ट प्रबन्धन के अनुपालन को कई आयोजन :::

‘‘देहरादून स्वच्छ वार्ड रैंकिंग 2023‘‘,

‘‘आर्ट फॉर अवेयरनेस 2.0‘‘

जागरूकता हेतु ‘‘सामुहिक सफाई कार्यक्रम‘‘

‘‘मेरी खाद की कहानी‘‘ जैसी पहल

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *