देहरादून, 02 फरवरी 2019, लोकसभा सामान्य निर्वाचन -2019 को निर्विघ्न, निष्पक्ष और शांतिपूर्वक सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रारम्भिक तैयारियाँ शुरू कर दी गयी है। इसी परिपेक्ष्य में आज ONGC MN Ghosh घोष पे्रक्षागृह कौलागढ में निर्वाचन कार्य के लिए नियुक्त किए गए सैक्टर अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को एक दिन का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी एस। ए मुरूगेशन ने सैक्टर अधिकारियों को निर्वाचन कार्यों में विस्तार बरतने और वकिंगरेबिलिटी कार्यों को तत्परता से किए जाने के निर्देश दिए और सैक्टर अधिकारियों द्वारा चाही गयी शंकाओं का भी निराकरण किया गया। उन्होंने बताया कि यह प्रथम चरण के प्रशिक्षण में दौड़ पूर्व अभ्यास केन्द्रों की व्यवस्थाओं को लेकर आ रही गति प्रतिरोधों को दूर करने के लिए आयोजित की गयी है।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे आपसी समन्वय बनाकर इस कार्य को गति दें। उन्होंने कहा कि मतदान से पूर्व नियुक्त किए गए सभी सैक्टर अधिकारी अपने-अपने निर्धारित सैक्टरों का भलीभांति परीक्षण कर लें और वहां पर हो रही गतिविधियों का पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण कर अपना संयुक्त प्रमाण पत्र निर्धारित समय में उपलब्ध करवाएं हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक निवेदिता कुकरेती कुमार ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों को सैक्टर अधिकारियों के साथ सम्बन्धित सैक्टर के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारी दी उपलब्ध उपलब्ध कराई जा रही है ताकि उनके सैक्टर में वेलनेरेबिलिटी की आवश्यक गिरने की स्थिति बनी रहे। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व निर्वाचन आयोग के निर्देशों का भलीभांति अघ्ययन करते हुए उन्हें अमलीजामा पहनाया।आज के इस प्रशिक्षण में पॉवर पियंट के माध्यम से वेलनेरेबिलिटी के सम्बन्ध में मास्टर ट्रेनर नवीन कुमार, प्रवीण गोस्वामी और एम। जफर खान ने सैक्टर के अधिकारियों को आवश्यक जानकारी दी। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए तैनात 214 सैक्टर अधिकारियों में से आज 142 सैक्टर अधिकारियों ने प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्राप्त किया और आरक्षित श्रेणी के 28 में 19 सैक्टर अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया साथ ही पुलिस सैक्टर अधिकारियों द्वारा भी प्रथम चरण का प्रशिक्षण प्राप्त किया। । गया। । प्रशिक्षण के दौरान पॉवर पियंट के माध्यम से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 195 और धारा 26 के अन्तर्गत प्रतिनियुक्ति के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।प्रशिक्षण में वकिंगरेबिलिटी मैपिंग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गयी और ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने के लिए सैक्टर अधिकारियों को क्षेत्र के बीएलओ से भी संपर्क करने को कहा गया। इसके अलावा विधिक संरचना के अन्तर्गत धारा 23 (2) और 171 ग में कानूनी प्रक्रिया की भी जानकारी उपलब्ध कराई गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि वीएम -1 से लेकर वीएम -5 तक के विभिन्न हैं फॉर्मों को भरकर निर्धारित समय अंतराल में एआरओ को उपलब्ध कराया जाना नितांत आवश्यक है साथ ही मतदान केंद्रों पर आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की जांच करने और मतदेय स्थलों का भौतिक अध्ययन किया गया। जाता है। जाने के बारे में बताया गया है। प्रशिक्षण के दौरान सैक्टर अधिकारियों को वीवीपैट के संचालन का भी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया। प्रशिक्षण में मुख्य विकास अधिकारी जी.एस. किए गए नियुक्त किए गए सेक्टर अधिकारीगण उपस्थित रहे।

