जगदीशिला डोली रथयात्रा आगाज १८ मई से

१०५००किलोमीटर यात्रा पूरी करेगी रथयात्रा

देहरादून, जगदीशिला डोली रथयात्रा पर्यटन विकास समिति विशोन पर्वतवन गाँव हवेली टिहरी गढ़वाल द्वारा आयोजित की जाने वाली बाबा विश्वनाथ और माता जगदीशिला की 20 वीं डोली रथरात्रि 18 मई से शुरू होगी। 26 दिव्य डोली यात्रा 12 जून तक चलेगी। डोली यात्रा उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में 10 हजार पांच सौ किमी की दूरी तय करेगी। 

कचहरी रोड स्थित सौरभ होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में डोली रथ यात्रा के संयोजक पूर्व मंत्री मंत्री प्रसाद नैथाणी ने बताया कि डोली यात्रा का आयोजन विश्व शांति, एक हजार धाम चिन्हीकरण, पर्यावरण संरक्षण व बंजर भूमि को उपयोगी बनाने, जड़ी-बूटी प्रोत्साहन, संस्कृत भाषा के उन्नयन और पवित्र धामों में प्लास्टिक एवं पाॅलीथिन प्रतिबंध के लिए जनजागरूकता के उददेश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डोली विशोन पर्वत से प्रस्थान कर 17 मई को रायवाला स्थित भक्त केएस लुठियागी के निवास पर पहुंचकर वहां रात्रि विश्राम करेगी। 18 मई को डोली यात्रा के पहले दिन हरिद्वार में हरकी पैड़ी में डोली का आगमन होगा। वहां से डोली गंगा स्नान के पश्चात भानियावाला, डोईवाला होते हुए देहरादून में नगरनिगम कार्यालय परिसर में पहुंचेगी, जहां पर डोली यात्रा का स्वागत और डोली दर्शन किए जाएंगे। वहां पर देवभूमि प्राथमिक संस्कृत विद्यालय के छात्रों द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ डोली का स्वागत होगा। डोली का रात्रि विश्राम नवादा दुर्गा विहार में यात्रा संयोजक मंत्री प्रसाद नैथाणी के निवास पर होगा। 19 मई को डोली रथयात्रा नवादा से प्रस्थान कर ऋषिकेश, ढालवाला, नरेंद्रनगर, दुआधार, आगराखाल, फकोट, जाजल, गजा, बादशाहीथाल होते हुए नई टिहरी में सीमा कृषाली के घर में रात्रि विश्राम करेगी। 20 मई को डोली का रात्रि विश्राम मसूरी में होगा। 21 मई को पुरोला में डोली का विश्राम होगा। 22 मई को उत्तरकाशी में डोली का रात्रि विश्राम होगा। 23 मई को डोली विभिन्न स्थानों से होते हुए जाखणीधार में नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचेगी और रात्रि विश्राम पेटब में होगा। 24 मई को देवप्रयाग स्थित रघुनाथ मंदिर में देवडोली के दर्शन होंगे। 25 मई को डोली यात्रा जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में रात्रि विश्राम करेगी। 26 मई को नौटी स्थित मां नंदा देवी मंदिर में रात्रि विभाम होगा। 27 मई को देवाल में रात्रि विश्राम होगा। 28 मई को कुंवर मेेहराज सिंह मैमोरियल एशियन स्कूूल चैकोरी में डोली रात्रि विश्राम करेगी। 29 मई को डोली यात्रा मुनस्यारी पहुंचेगी।

30 मई को डोली यात्रा बसंत कोट, मथकोट, जौलजीवी शिवालय, अरकोट, डीडीहाट, कनालीछीना होते हुए पिथौरागढ़ पहुंचेगी और रात्रि विश्राम संगम होटल में होगा। 31 मई को डोली यात्रा एशियन एकेडमी एैचोली, लोहाघाट, देवीधार देवी मंदिर, चंपावत, गोल्जू मंदिर, पाटी होते हुए देवीधुरा मां बाराही मंदिर पहुंचेगी और रात्रि विश्राम वहीं होगा। 1 जून को डो हली यात्रा लमगड़ा, चलनीछीना, जागेश्वर धाम, चितई गोलू मंदिर होते हुए अल्मोड़ा में मां नंदा देवी मंदिर में पहुंचेगी और रात्रि विश्राम वहीं होगा। 2 जून को सोलहवें दिन डोली यात्रा रानीखेत, कैंचीधाम, भवाली शिवमंदिर, नैनीताल में मां नैनादेवी मंदिर, जौलीकोट, काठगोदाम होते हुए हल्द्वानी में सत्यनारायण मंदिर में पहुंचेगी और रात्रि विश्राम वहीं होगा। 3 जून को यात्रा कालाढूंगी, रामनगर, काशीपुर, जसपुर होते हुए कोटद्वार पहुंचेगी, वहां सिद्धबली मंदिर में रात्रि विश्राम होगा। 4 जून को यात्रा दुगड्डा, लैंसडौन, सतपुली, ज्वालपा धाम होते हुए पौड़ी में किंकालेश्वर एवं कंडोलिया देवता मंदिर पहुंचेगी, रात्रि विश्राम सर्किट हाउस में होगा। 5 जून को यात्रा खिर्सू, देवलगढ़, रूद्रप्रयाग, तिलवाड़ा, अगस्त्य मुनि, चंद्रापुरी, उखीमठ होते हुए कालीमठ पहुंचेगी और रात्रि विभाम वहीं होगा। 6 जून को यात्रा गुप्तकाशी, पठालीधार, किरोड़ा, बस्टा, जखोली, सिद्धसौड़, जखनोली, नागधारकोट, पांजणा, सांकला, रामश्रम होते हुए बजीरा पहुंचेगी और रात्रि विश्राम नागेंद्र देवता मंदिर में होगा। 7 जून को यात्रा ममणी, पथेल्डू, मूलगढ़, जखनियाली, घनसाली, सेंदुल होते हुए सिल्यारा स्थित नागराजा मंदिर, चमियाला, बूढ़ाकेदार पहुंचेगी और रात्रि विश्राम वहीं होगा। 8 जून को यात्रा खवाड़ा, बिनकखाल, बेलेश्वर, सरूणा-रौंसाल, पोखार, ज्यूदांणा, धोपड़धार, घुत्तू होते हुए बहेड़ा शिवालय में पहुंचेगी और रात्रि विश्रााम वहीं होगा। 9 जून को यात्रा घनसाली, फलेंडा, थयेली, कोटी, मैगाधार, पाख, दोणी, मुंडेती, अखोड़ी, गोदाधार होते हुए ढूंग बजियाल गांव पहुंचेगी, रात्रि विश्राम वहीं होगा। 10 जून को यात्रा ढुंग, भौड़गांव बौलियाधार, कुलणा, अंथवाल गांव, कठुड़, चांजी, धमातोली, हुलाणाखल, हडियाण मल्ला, मतकुड़ी होते हुए जगदीगाड़ पहुंचेगी, रात्रि विश्राम वहीं होगा। 11 जून को यात्रा सरपोली से चटोली, खणंदू, जगदीशिला मंदिर, हुनमान मंदिर, निलाछाड़ से विशोन पर्वत पहुंचेगी और रात्रि विश्राम करेगी। 12 जून को विशोन पर्वत में गंगा दशहरा का स्नान, महारूद्रयज्ञ, कीर्तन-भजन के पश्चात यात्रा निलाछाड़ के लिए प्रस्थान करेगी और वहां पर यात्रा समापन होगा। डोली यात्रा संयोजक मंत्री प्रसाद नैथाणी ने बताया कि डोली यात्रा उत्तराखंड के सभी 13 जिलों में 10 हजार पांच सौ किमी की दूरी तय कर 12 जून को गंगा दशहरा पर विशोन पर्वत के नीलागाड़ पहुंचकर यात्रा का समापन होगा। प्रेस वार्ता से पहले डोली यात्रा की तैयारी को लेकर आयोजन समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता कर्नल डीएस बत्र्वाल ने की। इस बैठक में लालचंद शर्मा, अशोक वर्मा, प्रदीप थपलियाल, कल्याण सिंह रावत, संतोष खंडूड़ी, इंद्रभूषण बडोनी आदि उपस्थित रहे।   

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