
देेहरादून, एसटीएफ ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है. जो फर्जी पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनाने के साथ ही फर्जी ही इंश्योरेंस बनाता है. ये आरोपी हरिद्वार के रहने वाले हैं. इनमें कई सामग्री भी बरामद की गई है. एसटीएफ की इस कार्रवाई में इन दो अभियुक्तों को न केवल गिरफ्तार कर लिया गया है, बल्कि, इनसे सैकड़ों वाहनों के इंश्योरेंस पॉलिसी को किया बरामद की गई है. इसके अलावा इनसे चौपहिया वाहनों को दुपहिया वाहन दिखाकर इंश्योरेंस पाॅलिसी में कर हेराफेरी करने के भी दस्तावेज िमिले हैं.
एक व्यक्ति के ऑफिस पर मारा छापा, सबकुछ सामने निकलकर आया
एसएसपी आयुष अग्रवाल के अनुसार एसटीएफ को सूचना प्राप्त हुई कि उत्तराखंड में एक ऐसा गिरोह सक्रिय है जो व्यवसायिक वाहनों के फर्जी इंश्योरेंस एवं पॉल्यूशन कार्ड बनाकर अनुचित लाभ अर्जित कर रहे है, जिससे सरकारी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, इस सूचना की एसटीएफ द्वारा प्रारंभिक जांच कर सत्यापन कराया गया तो प्रथम दृष्टया सूचना सही पाई गई .
इस सूचना पर दिनांक 23 फरवरी 2023 को एसटीएफ टीम द्वारा रुड़की आरटीओ कार्यालय के सामने एक ब्यक्ति के निजी कार्यालय में छापा मारकर दो व्यक्तियों को पकड़ा गया एवं जिनके कार्यालय में बरामद लैपटॉप एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बारीकी से खंगाला गया, जिनमें सैकड़ों वाहनों के फर्जी इंश्योरेंस बनाए जाने के दस्तावेज प्राप्त हुए. जिस पर पकड़े गए दोनों व्यक्तियों से एसटीएफ टीम द्वारा गहनता से पूछताछ की गई तो दोनों व्यक्तियों द्वारा बताया गया कि उत्तराखंड में इस तरह का गिरोह उनके द्वारा ही संचालित किया जा रहा है एवं इस गिरोह में करीब 8 से 10 लोग हैं, जो उत्तराखंड के कई हिस्सों में कमर्शियल वाहनों का फर्जी इंश्योरेंस कर रहे हैं. गिरोह के सदस्यों द्वारा व्यवसायिक वाहनों का, जिनका इंश्योरेंस 25 हजार से 30 हजार रूपये तक होता है, उनका वह इंश्योरेंस फर्जी तरीके से तैयार कर मात्र 05 से 07 हजार रूपये में वाहन स्वामियों को उपलब्ध कराया जाता है.
एसटीएफ टीम द्वारा जब गहनता से जांच की गई एवं इनसे सैकड़ों वाहनों के फर्जी इंश्योरेंस पॉलिसी को बरामद किया गया,जिनका मिलान संबंधित कंपनियों के इंश्योरेंस पॉलिसी से किया गया तो सभी वाहनों के इंश्योरेन्स फर्जी पाए गये। गिरोह के सदस्य फर्जी इंश्योरेन्स पालिसी को इस तरह से तैयार कर रहे थे कि चौपहिया वाहनों को दोपहिया वाहन बताकर उसकी इंश्योरेन्स पाॅलिसी को बड़े चालाकी से संबंधित कंपनियों के इंश्योरेंस पॉलिसी में दर्ज कराया जाता था और उसके पश्चात दोपहिया वाहन में चारपहिया वाहन का नंबर दर्ज करा कर पॉलिसी को एडिट कर दिया जाता था।
रुड़की में केस दर्ज किया गया
एसटीएफ की टीम द्वारा इनके कार्यालय के सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर फर्जी इंश्योरेंस संबंधित दस्तावेज प्राप्त होने पर उक्त दोनों अभियुक्तों को धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी आईपीसी के तहत गिरफ्तार किया गया. जिनके विरुद्ध थाना सिविल लाइन रुड़की में अभियोग पंजीकृत कराया गया है. इस गिरोह के अन्य 06 सदस्यों की तलाष की जा रही है.
::आरोपियों से बरामदगी::
-एक लैपटॉप डेल कंपनी का
-एक प्रिंटर एचपी कंपनी का
-29 वाहनों के फर्जी बीमा
-32 वाहनों की मूल आरसी
-22 वाहन चालकों के डीएल मूल
-3 मोबाइल फोन
::गिरफ्तार आरोपियों पर एक नजर::
1 –अब्दुल कादिर पुत्र इसरार निवासी मोहम्मदपुर थाना रुड़की सिविल लाइन जनपद हरिद्वार
2 –कबीर पुत्र नासिर निवासी भारोपुर भोरी थाना बहादराबाद जनपद हरिद्वार
::पुलिस टीम में शामिल::
– निरीक्षक अबुल कलाम
– यादवेंद्र बाजवा
-उपनिरीक्षक दिलबर सिंह नेगी
-मुख्य आरक्षी संदेश यादव
-मुख्य आरक्षी संजय कुमार
-आरक्षी महेंद्र सिंह नेगी