श्राइन बोर्ड के फैसले पर तीर्थ पुरोहित विरोध जारी, चारधाम में पूजा रोकने का ऐलान

-श्राइन बोर्ड के विरोध में विधान सभा घेराव का ऐलान किया

– तीर्थ पुरोहितों बोले, उत्तराखंड में जनभावनाओं को कुचलने का प्रयास कर रही त्रिवेंद्र सरकार

तीर्थ पुरोहितीं के निशाने पर केबिनट मंत्री सतपाल महाराज

देहरादून, नवम्बर, चारधाम श्राइन बोर्ड के खिलाफ तीर्थ पुरोहितों ने आर-पार के संघर्ष का ऐलान कर धरना-प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया है। गुस्साए  तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि सरकार पौराणिक परंपराओं को तोड़ कर आम जन की भावनाओं को कुचलने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके विरोध में बद्रीनाथ से लेकर गंगोत्री तक आंदोलन शुरू हो गया है। महापंचायत से जुड़े तीर्थ पुरोहित यहां एक रेस्तरां में आयोजित पत्रकार वार्ता में देवभूमि तीर्थ पुरोहित हक-हकूकधारी महापंचायत के वरिष्ठ सलाहकार सुरेश सेमवाल ने कहा कि श्राइन बोर्ड तीर्थ पुरोहितों के साथ ही स्थानीय लोगों के साथ धोखा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वैष्णोदेवी ओर तिरूपिबालाजी की तर्ज पर उत्तराखंड में जिस चारधाम श्राइन बोर्ड को मंजूरी दी है वह पूरी तरह जनभावनाओं के विपरीत है। उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड लागू होने के बाद बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड का अध्यक्ष आईएएस होगा। सैकड़ों साल से मंदिरों को संचालित करते आ रहे तीर्थ पुरोहितों की जगह अब धर्मायुक्त करेगा, जो उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि यदि अध्यक्ष दूसरे समुदाय से है, तो क्या उसे गर्भाशय, पूजा स्थल में जाने की इजाजत होगी। यदि ऐसा होता है इससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होंगी। यदि सरकार को इसमें कुछ परिवर्तन करना था, तो तीर्थ पुरोहितों से विचार-विमर्श कर निर्णय लेती। इस तरह सीधे श्राइन बोर्ड को थोपने को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।

गढ़वाल से लेकर दून तक विरोध शुरू

कहा, कि जल्द ही महापंचायत विधायकों के घेराव के साथ ही विधानसभा घेराव करेगा। उन्होंने कहा कि चीन सीमा से लगे उत्तराखंड के आखिरी गांव मुखबा से लेकर देवप्रयाग, श्रीनगर, गुप्तकाशी, जोशीमठ और कर्णप्रयाग में लोगों ने श्राइन बोर्ड के विरोध आंदेालन शुरू कर दिया। इस अवसर पर उमेश सती, विनोद शुक्ला, संजीव सेमवाल, केशव, लक्ष्मी नारायण जुगरान, जगमोहन उनियाल, प्रभाकर बावुलकर, विनोद कोटियाल, कृतेश्वर उनियाल, दीपक सेमवाल आदि भी मौजूद रहे।

सीएम पर भी झूठ बोलने का आरोप

प्रेस कांफ्रेंस में सुरेश सेमवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने अपने गुरू और चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष शिव प्रसाद ममगांई को भी इस मामले में झूठ बोला है। उन्होंने कहा कि एक ओर सीएम ने ममगांई की अध्यक्षता में चार धाम परिषद की बैठक को लेकर विचार-विमर्श करने को कहा, जिसमें विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस टंडन भी मौजूद थे, वहीं दूसरी ओर कैबिनेट में श्राइन बोर्ड का प्रस्ताव मंजूर कर दिया।

महाराज ने धर्म के नाम पर अर्जित की प्रॉपर्टी श्राइन बोर्ड में हो शामिल

तीर्थ पुरोहितों ने आरोप लगाया कि यह सब प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के इशारे पर हो रह है। उन्होंने कहा कि सतपाल महाराज के बद्रीनाथ में धर्मशाला के नाम पर चल रहे होटल को भी श्राइन बोर्ड में लिया जाना चाहिए। साथ ही उनके द्वारा धर्म के नाम पर अर्जित की गई करोड़ों की संपत्ति को भी श्राइन बोर्ड में शामिल किया जाए।