–हड़ताल के 16वें दिन सरकार ने मानी उपनल कर्मियों की मांगें, हड़ताल स्थगित, मुख्यमंत्री के निर्देश

देहरादून, आखिर सरकार ने उपनलकर्मियों की मांगें मान ली हैं. सरकार ने उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में 12 वर्ष से कार्यरत हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए समान कार्य-समान वेतन सिद्धांत के अनुरूप न्यूनतम वेतनमान व महंगाई भत्ता देने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री के साथ हुई लंबी वार्ता के बाद मांगों पर सहमति बन गई. हालांकि, जीओ के इंतजार में देर रात तक उपनल कर्मी परेड ग्राउंड में डटे रहे. जिसके बाद हड़ताल स्थगित करने का निर्णय ले लिया गया.

महंगाई भत्ता दिया जाएगा
सचिव सैनिक कल्याण विभा दीपेंद्र चौधरी की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार यह कदम उच्च न्यायालय की ओर से रिट याचिका में पारित आदेश के अनुपालन में लिया गया है. उपनल के माध्यम से कार्यरत वे सभी कार्मिक, जिन्होंने राज्य सरकार के किसी भी विभाग या संस्था में 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अब वेतनमान का न्यूनतम वेतन एवं महंगाई भत्ता प्रदान किया जाएगा. यह सुविधा समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर आधारित होगी. इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि चरणबद्ध तरीके से अन्य उपनल कर्मियों, जिन्होंने अभी 12 वर्ष की सेवा पूरी नहीं की है, को भी न्यूनतम वेतनमान और डीए देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी. सरकार ने यह भी कहा है कि यह वेतन एवं डीए संबंधित विभागों की ओर से ही उपनल कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा, जहां वे वर्तमान में तैनात हैं. इस पर विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक सहमति भी बन चुकी है.