– वर्षों से ऐसे ही जख़्म देता रहा है सुयालकोट, भूधसाव से कट जाता है करीब 8 हजार की आबादी का संपर्क

देवाल, गत दो वर्ष से चमोली जिले का देवाल-खेता मोटर मार्ग सुयालकोट में भूस्खलन जोन का ट्रीटमेंट न होने से लोगों के लिए आवाजाही में मुसीबत बना है। हाल ये हैं कि मामूली बारिश में भी लगातार मलबा व बोल्डर आने से अक्सर सडक़ बंद हो जा रही है। मानसून में तो स्थिति ये है कि ये मार्ग अधिकतर बंद रहा है, जिससे लोगों को कई किलोमीटर का लंबा फैसला तय कर मुख्य सड़क पर आना पड़ता है. वर्तमान में कई दिनों से रोड बंद होने के कारण घाटी का संपर्क मुख्यालय और तहसील से कटा है। किसी तरह 2 किमी पैदल कठिन चढ़ाई पार कर सडक़ के दूसरे छोर में लोग पहुंच रहे हैं। क्षेत्र में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत भी होने लगी है। खाने तक की सामग्री नहीं पहुँच पा रही है.

ब्लॉक् प्रमुख को सचिव का आश्वासन
हालांकि इस मसले परब्लॉक प्रमुख देवाल डॉ दर्शन दानू ने सचिव PWD से मुलाक़ात की है, जल्द समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया है. डॉ दानू का कहना था कि सुयालकोट में अक्सर वर्षाकाल में रोड बंद रहती है।
बार बार भूस्खलन हो रहा
बताया जा रहा है कि पिंडर नदी पर एक पुल और बन जाए तो समस्या का स्थायी समाधान निकल जाता। वर्तमान में घाटी के मेलखेत, नलधूरा, हरमल, चोटिग, तोरती, रामपुर, झलिया, कुंवारी, उदयपुर, चन्याली ऊपथर आदि की करेवब आठ हजार की आबादी के लिए आवश्यक सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। हालांकि लोनिवि की मशीन सडक़ को खोलने में जुटी है, लेकिन भारी वर्षा और गिरता मलबा खतरे से खाली नहीं है. सडक़ खुलते ही बारिश होने पर फिर से बंद हो जा रही है।