Dehradun, 25 august को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दून द्वारा जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों/थाना प्रभारियों के साथ वायरलेस सेट के माध्यम से गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी के दौरान द्वारा यातायात, नशा, शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण,भूमि सम्बन्धी विवाद तथा बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन के सम्बन्ध में पूर्व में दिये गये निर्देशों के क्रम में थानावार की गयी कार्यवाही की समीक्षा करते हुए निम्न दिशा-निर्देश निर्गत किये गये…
1- जनपद में कुछ थानों द्वारा बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन में अपेक्षानुरूप कार्यवाही नहीं की जा रही है। बाहरी सदिंग्ध व्यक्तियों द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों में रैकी करते हुए चोरी, नकबजनी व अन्य घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। अत: सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी अपने पर्यवेक्षण में अपने-अपने सर्किलों में व्यापक स्तर पर अभियान चलाते हुए बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन की कार्यवाही को करना सुनिश्चित करें। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाये।
2- सभी थाना प्रभारी थाना स्तर/विभिन्न माध्यमों से थानों पर प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थना पत्रों का समयबद्ध निस्तारण करना सुनिश्चित करेंगे, किसी भी दशा में पीडित व्यक्ति को न्याय के लिये इधर-उधर भटकना न पडे। यदि किसी थाना प्रभारी द्वारा अनावश्यक रूप से किसी पीडित व्यक्ति को परेशान अथवा प्रार्थना पत्र के निस्तारण में शिथिलता बरती जाती है तो उसके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। भूमि सम्बन्धित विवादों में शासन द्वारा गठित *”लैंड फ्राड समन्वय समिति”* द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्यवाही करना सुनिश्चित करें, किसी भी दशा में भूमि सम्बन्धी विवादों में पुलिस पार्टी न बने।
3- यातायात सुधार की दिशा में सभी थाना प्रभारी प्रभावी कदम उठाते हुए आवश्यक कार्यवाही करना सुनिश्चित करें, यातायात व्यवस्था के सुचारू संचालन की सम्पूर्ण जिम्मेदारी सम्बन्धित थाना/चौकी प्रभारी की है। सुबह स्कूल खुलने के समय यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारी सीपीयू तथा ट्रैफिक कर्मियों की होगी, परन्तु इसके उपरान्त पीक आवर्स (आफिस खुलने के समय, स्कूल की छुट्टी के समय, सांयकाल आफिस बन्द होने के समय) में यातायात पुलिस के साथ सभी क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी तथा चौकी प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों के व्यस्ततम मार्गों व यातायात के दबाव वाले क्षेत्रों में स्वय मौजूद रहते हुए यातायात का सुचारू संचालन करना सुनिश्चित करेंगे।
4- सभी थाना प्रभारियों को नशीले पदार्थों की तस्करी में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये थे, परन्तु कुछ थाना प्रभारियों द्वारा इस दिशा में अपेक्षानुरूप कार्यवाही न करते हुए शिथिलता बरती जा रही है, अतः सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में नशे की गिरफ्त में आये व्यक्तियों की काउंसलिंग करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करना सुनिश्चित करें। यदि किसी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की बिक्री अथवा किसी पुलिसकर्मी की इसमें सलिप्तता की सूचना प्राप्त होती है तो सम्बन्धित थाना प्रभारी की जवाबदेही तय करते हुए उसके विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
5- सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ गोष्ठी आयोजित कर उन्हें स्पष्ट तौर पर हिदायत दे दें कि किसी भी प्रकार की दवाईयों को बिना चिकित्सीय परामर्श के किसी भी व्यक्ति को न दिया जाये तथा सभी थाना प्रभारी सम्बन्धित विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित मेडीकल स्टोरों की आकस्मिक चैकिंग करते हुए इस बात को सुनिश्चित करेंगे कि उनके द्वारा किसी भी प्रकार की नशीली गोलियों/कैप्सूलों का विक्रय न किया जा रहा हो।
06: सभी थाना प्रभारी अपने-अपने थाना क्षेत्रों में स्थित शराब की दुकानों व बारों को निर्धारित समयावधि में बन्द कराना सुनिश्चित करेंगे, यदि आकस्मिक चैकिंग के दौरान किसी थाना क्षेत्र में निर्धारित समयावधि के उपरान्त भी शराब की दुकाने अथवा बार खुले मिले तो सम्बन्धित थाना प्रभारी के साथ-साथ चौकी प्रभारी की भी जवाबदेही तय करते हुए उनके विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।