सरकार ने स्कूल खुलने का निर्णय पैरेंट्स व स्कूल मैनेजमेंट पर छोड़ा

– अब स्कूलों और पैरेंट्स के साथ सरकार करेगी बैठक, उसके बाद लिया जाएगा फैसला

– सभी डीएम से मांगी एक सप्ताह के भीतर फीडबैक रिपोर्ट

-feedback के बाद कैबिनेट में लिया जाएगा आखिरी निर्णय

देहरादन,  प्रदेश में स्कूलों को खोले जाने के संबंध में विद्यालयी शिक्षा मंत्री  अरविंद पाण्डेय की अध्यक्षता में सचिवालय में बैठक आयेाजित की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव  राधा रतूड़ी, सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के बाद मीडिया सेंटर सचिवालय में मीडिया को जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री  अरविंद पाण्डेय ने बताया कि स्कूलों को खोले जाने के संबंध में कोई भी निर्णय स्कूलों के प्रबंधन, अभिभावकों सहित सभी संबंधित पक्षों के साथ विचार विमर्श के बाद आमराय से किया जाएगा। सभी जिलाधिकारियों को एक सप्ताह में अपने जिले से संबंधित फीडबैक शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी अपने जिलों में कोविड-19 की स्थिति, वहां के स्कूलों के प्रबंधन समितियों और अभिभावकों की राय के आधार पर फीडबैक देंगे। जिलों से प्राप्त फीडबैक के बाद स्वास्थ्य विभाग के साथ विचार विमर्श कर आवश्यकतानुसार कैबिनेट में  निर्णय लिया जाएगा।

फर्स्ट फेज में 9-12 तक की क्लास चलेंगी

शिक्षा मंत्री ने बताया कि यदि स्कूलों को खोलने के बारे में राय बन जाती है तो तीन चरणों में स्कूलों को खोले जाने का प्रस्ताव किया जाएगा। पहले चरण में कक्षा 9 से 12 तक, दूसरे चरण में कक्षा 6 से 12 तक और तीसरे चरण में सभी कक्षाओं को शामिल किया जाना प्रस्तावित है। सभी स्कूलों में कोविड-19 के लिए जरूरी सभी प्रोटोकाल का पालन किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। अभिभावको की अनुमति बिना किसी बच्चे को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।

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