–अभियुक्त खुद को RBI का कर्मचारी बनकर रिलाइन्स बीमा पालिसी की धनराशि में कई स्कीम के तहत मुनाफे का देता था लालच
-साईबर धोखाधड़ी के लिए दूसरों की आईडी से निर्गत कर कई सिमकार्ड्स व धनराशि बैंक खातों का करता था इस्तेमाल
-अभियुक्त से घटना में प्रयोग में लाए जाने वाले 3 चैक बुक, 6 डेबिट कार्ड, 3 मोबाइल फोन व कई सिम कार्ड भी बरामद

अक्टूबर 2023 में आई थी शिकात
देहरादून, सीएम के निर्देशों के क्रम में प्रदेश के निवासियों को साइबर अपराधियों द्वारा जनता से ठगी करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी है. इसी क्रम में जनपद नैनीताल के कोतवाली भीमताल में स्थानीय निवासी की ओर से माह अक्टूबर 2023 में शिकायत दर्ज कराई गई. जिसके तहत उनके भाई द्वारा फोन कर बताया कि उनका बीमा पालिसी का पैसा RBI में फंस गया है. टीडीएस की धनराशि जमा करने पर पैसा वापस हो जायेगा. फिर बाद में साइबर अपराधियों द्वारा अलग-अलग बहाने से मुनाफे की बात कहकर पीड़ित से लगभग 35 लाख रूपये की धनराशि धोखाधडी से कई बैंक खातों में जमा करवा दी गयी है . मामले को देखते हुए विवेचना एसटीएफ उत्तराखण्ड को स्थानान्तरित की गयी .
दूसरे सिम का यूज किया गया
एसएसपी एसटीएफ द्वारा विवेचना साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन कुमाऊँ परिक्षेत्र स्थानान्तरित करते हुये डीएसपी एसटीएफ साईबर क्राईम कुमांऊ रेन्ज सुमित पाण्डे के पर्यवेक्षण में विवेचना प्रभारी निरीक्षक साईबर क्राईम श्री ललित मोहन जोशी को सुपुर्द करते हुये अभियोग के खुलासे के लिए निर्देश दिये गये. साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों, मोबाइल नम्बर, जीमेल व वाट्सअप की जानकारी के लिए सम्बन्धित बैंको, सर्विस प्रदाता कम्पनी, मेटा तथा गूगल कम्पनियों से डेटा प्राप्त किया गया. आखिर में एसटीएफ ने पाया कि साईबर अपराधियों द्वारा घटना में पीड़ित से प्री-एक्टिवेटेड दूसरे व्यक्तियों के नाम से आवंटित मोबाइल सिम कार्ड का प्रयोग किया गया है.
पुलिस से बचने के लिए बदलता रहता था हुलिया
मध्य प्रदेश के मोरेना तथा इटवा उत्तर प्रदेश के विभिन्न बैंक खातो में धोखाधड़ी से धनराशि प्राप्त की गयी है. इन खातों से धनराशि नोएडा, दिल्ली तथा हरियाणा के विभिन्न एटीएम मशीनों से निकाली गई है. विवेचना के दौरान साईबर थाना पुलिस टीम द्वारा बैंक खातो तथा मोबाइल नम्बरों का सत्यापन कार्यवाही के फर्जी आई पर संचांलित होने पाये गये. पुलिस टीम द्वारा तकनीकी, डिजिटल साक्ष्य, एटीएम फुटेज एकत्र कर घटना के मास्टर मांइड व मुख्य आरोपी रवि कांत शर्मा पुत्र राजबीर नि0 वार्ड नं0 01, पदमा विद्यालय के पास, ग्राम मुड़ियाखेड़ा, थाना मोरेना जिला मोरेना मध्य प्रदेश को चिन्ह्ति करते हुये अभियुक्त की तलाश जारी की. अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिशें दी गई. लेकिन, आरोपी काफी शातिर किस्म का है, जो पुलिस को चकमा देने के उद्देश्य से समय-समय पर अपनी लोकेशन बदलता रहता था. इसी बीच साईबर पुलिस टीम के पास कुछ नई तकनीकी बिन्दुओं पर प्राप्त जानकारी हाथ लगी. जिस पर टीम द्वारा अथक मेहनत व प्रयास से तकनीकी संसाधनों का प्रयोग करते हुये साक्ष्य एकत्रित कार्रवाई करते हुये अभियोग में वांछित अभियुक्त रविकांत शर्मा को जिला फरीदाबाद हरियाणा से गिरफ्तार किया गया. अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त बैंक खाते की चैकबुक, डेविट कार्ड, आधार कार्ड व पैन कार्ड व 03 मोबाइल फोन व कई सिम कार्ड भी बरामद हुए है.
अपराध का तरीका
–आरोपी आरबीआई का फर्जी कर्मचारी बनकर रिलायंस पॉलिसी की धनराशि आर0बी0आई0 में फंसने व टीडीएस के रुपये जमा करने के उपरान्त पॉलिसी का रुपया मिलने का झांसा दिया जाता था.
-इसके बाद पीड़ितों को पालिसी में और अधिक धनराशि निवेश करने पर अधिक धनराशि का मुनाफा मिलने का लालच देकर लाखों रुपये की धोखाधडी की जा रही थी.
-अपराधी द्वारा धोखाधडी से प्राप्त धनराशि को विभिन्न बैक खातों में प्राप्त कर उक्त धनराशि को एटीएम के माध्यम से निकासी प्रयोग करते हैं.
-अभियुक्त द्वारा उक्त कार्य के लिए फर्जी सिम व फर्जी खातों का प्रयोग कर अपराध किया जा रहा था.
-गिरफ्तार अभियुक्त काफी शातिर किस्म का अपराधी है.
-पूछताछ में अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वह इस काम को वर्ष 2014-15 से लगातार करता आ रहा है.
-इस दौरान उसने कई लोगों के साथ साईबर ठगी का शिकार बनाया, पुलिस की पकड़ में नहीं आया.
-साईबर ठग द्वारा देश में अन्य लोगों के साथ भी साईबर ठगी को अंजाम दिये जाने की आशंका है.
-जिसकी जानकारी अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क कर की जा रही है.
ये हुई बरामदगी
-3 Mobile Phone,
5 Sim Card
6 DEBIT CARD,
3 CHEQUE BOOK
ONE FILLED CHEQUE CANARA BANK
ADAHAR CARD
PAN CARD
एसटीएफ की अपील
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड आयुष अग्रवाल महोदय द्वारा जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने व टिकट बुक करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें. वे फर्जी निवेश ऑफर जैसे यू-ट्यूब लाइक, सब्सक्राइब, टेलीग्राम आधारित निवेश वेबसाइट ऑफर में निवेश न करें. किसी भी अन्जान व्यक्ति के सम्पर्क में न आये अथवा न ही किसी भी अन्जान व्यक्ति से सोशल मीडिया पर दोस्ती न करें. किसी भी अन्जान कॉल आने पर लालच में न आये, अन्जान कॉलर की सत्यता की जांच करे बिना किसी भी प्रकार की सूचना व दस्तावेज न दें. किसी भी प्रकार के ऑनलाईन जॉब के लिए एप्लाई कराने से पूर्व उक्त साईट का पूर्ण वैरीफिकेशन सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें. गूगल से किसी भी कस्टमर केयर नम्बर सर्च न करें. शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें. वित्तीय साईबर अपराध घटित होने पर तुरन्त 1930 नम्बर पर सम्पर्क करें.