– पार्क प्रशासन को पर्यटकों से हुई है इस बार 14 लाख 36 हजार 125 की इनकम
देहरादून, मानसून में बारिश थमने के बाद अब चमोली जिले में स्थित फूलों की घाटी में टूरिस्ट की चहलकदमी भी तेज हो गई है. इन दिनों कई विदेशी टूरिस्ट भी घाटी के दीदार के लिए वैली की सैर के लिए पहुंचे हैं. खास बात ये है कि अबकी बार 9 हजार 505 पर्यटक फूलों की घाटी पहुंचे हैं. जिनमें 211 फॉरेनर टूरिस्ट शामिल हैं. इन सभी टूरिस्ट की आवाजाही से पार्क प्रशासन को 14 लाख 36 हजार 125 की इनकम प्राप्त हुई है.

समुद्रतल से 12,995 फीट की ऊंचाई पर स्थित फूलों की घाटी को यूनेस्को की ओर से संरक्षित किया है।
एक जून को फूलों की घाटी के गेट पर्यटकों के लिए खोल दिए जाते हैं
टूरिस्ट की आवाजाही अक्टूबर माह तक रहती है.
-यहां 500 से अधिक प्रजातियों के फूल खिलते हैं.
-जिसके चलते हर माह यहां का रंग बदलता रहता है
15 जुलाई से 15 सितंबर को समय सबसे ज्यादा मुफीद
फूलों के खिलने के लिए 15 जुलाई से 15 सितंबर तक का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। ऐसे में इस दौरान घाटी में पर्यटकों की चहलकदमी भी सबसे अधिक रहती है। फूलों की घाटी में प्रवेश के लिए इंडियन टूरिस्ट से 150 और फॉरेनर टूरिस्ट से 600 रुपये की एंट्री फीस ली जाती है. यहां रात में रुकने की व्यवस्था नहीं होने के कारण दोपहर 12 बजे के बाद एंट्री नहीं दी जाती है.
घाटी में इस प्रकार के रंग-विरंगे फूल आते हैं नजर
बालसम
इनोला
साइनन थस
रोयिला बिफोरा
डेलफिनियम
जर्मेनियम
थर्मोपसिस
इस बार पर्यटकों की आमद रही बेहतर
फूलों की घाटी के दीदार के लिए फ्रांस से पहुंची पेयरी के मुताबिक उन्होंने फूलों की घाटी के बारे में काफी पढ़ा था. अब जाकर उन्हें इसे करीब से देखने का मौका मिला है. वैली काफी सुंदर है.वहीं, नंदा देवी नेशनल पार्क के डीएफओ वीपी मार्तोलिया कहते हैं कि फूलों की घाटी में पर्यटकों की आवाजाही निरंतर बनी हुई है। अक्टूबर तक घाटी पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। इस बार देशी-विदेशी पर्यटकों की आमद बेहतर देखने को मिली है.
वीपी मार्तोलिया, प्रभागीय वनाधिकारी, नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क
वर्षवार पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या
वर्ष–भारतीय पर्यटक—विदेशी—कुल आय
2018-19—14,058-664-24—12—075
2019-20—16,904-520-27—60—825
2020-21—10,010-906-1—36—650
2021-22—9,389-15-13—93—575
2022-23—20,547-280-31—73—400
2023-24—9,083-211-14,36—125 (21 अगस्त तक)