
–बाबा केदार में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई
-श्रद्धालुओं पर की गई पुष्प वर्षा, कपाट खुलने पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ में की पूजा-अर्चना
-मुख्यमंत्री ने देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की बाबा केदार से की प्रार्थना

देहरादून, ग्याहरवें ज्योतिर्लिंग भगवान केदारनाथ धाम के कपाट विधि विधान के साथ मंगलवार को सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिये गये हैं. श्री केदारनाथ में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से की गई. रावल भीमाशंकर लिंग व पुजारी शिवलिंग और धर्माचार्यों द्वारा पूजा अर्चना की गई. कपाट खुलते समय सेना के बैंड व भजन कीर्तन और जय श्री केदार के उदघोष से केदारनाथ धाम गुंजायमान रहा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गयी.

27 को बदरीनाथ धाम के खुलेंगे कपाट
श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्री केदारनाथ में पूजा-अर्चना कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की. सभी देश एवं प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की उन्होंने बाबा केदार से प्रार्थना की. मुख्यमंत्री ने बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत भी किया। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में मुख्य सेवक द्वारा आयोजित भंडारा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा को सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव प्रयास किये गये हैं. समाजिक संगठनों, स्वयं सेवी संस्थाओं का भी यात्रा के लिए पूरा सहयोग मिल रहा है. पिछले वर्षों के अनुभवों के आधार पर यात्रा व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया गया है. बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम की जानकारी लेकर बाबा केदार के दर्शन लिए आयें. जिससे किसी को भी मौसम की वजह से कोई असुविधा न हो. गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम में यात्रा सुचारू रूप से चल रही है. 27 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट भी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जायेंगे.

कई गणमान्य मौजूद रहे
इस अवसर पर श्री बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेन्द्र अजय, विधायक केदारनाथ शैला रानी रावत , जिला पंचायत अध्यक्ष अमरदेई शाह, जिला अध्यक्ष भाजपा सिंह महावीर पंवार, पूर्व अध्यक्ष भाजपा दिनेश उनियाल, जिलाधिकारी मयूर दिक्षित, पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे, मुख्य कार्याधिकारी केदारनाथ योगेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे.