देहरादून, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उपनल कर्मियों को लेकर हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत उपनल कर्मियों को नौकरी से बाहर नहीं किया जाएगा। किसी विभाग में यदि पद सीधी भर्ती से किसी कर्मचारी का भर गया हो तो वहां से हटाए गए उपनल कर्मी को अन्य विभाग में नियुक्ति मिलेगी।
नियुक्ति का अध्ययन किया जाएगा
बैठक में विभिन्न विभागों में नियमित हुए पांच उपनल कर्मियों के संबंध में निर्णय लिया गया कि नियुक्ति के संबंध में पूरे प्रकरण का अध्ययन किया जाएगा। कारणवश, नियमितीकरण में गलत तरीका अपनाया पाया गया तो उस परिक्रिया को समाप्त किया जाएगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बुधवार को उपनल कर्मियों के संबंध में गठित समिति की बैठक हुई। जिसमें उपनल कर्मियों के मसलों पर चर्चा हुई। उपनल कर्मियों के नियमितीकरण के संबंध में बताया गया गया कि यूपीएनएल कर्मियों की नियुक्ति upnl से हुई है और ये आउटसोर्स कर्मचारी हैं, इसलिए इनका नियमितीकरण नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने नियमितीकरण के संबंध में जो आदेश दिया है उस पर सरकार अपील में है।
पांच कर्मचारियों की नियुक्ति पर जांच
जिन पांच कर्मचारियों के नियमितीकरण की बात हो रही है, उस मामले का परीक्षण किया जाएगा। इसमें कहीं अनियमितता पाई जाएगी तो उनकी सेवाएं समाप्त भी की जा सकती हैं।
एक दायरे में संभव नहीं
समान कार्य समान वेतन के संबंध में चर्चा की गई कि उपनल कर्मियों को सीधे सरकार ने सेवा में नहीं रखा है, इस कारण उन्हें इस दायरे में नहीं रखा जा सकता।