
– गैरसैंण में 110 करोड़ की लागत से बनेगा सचिवालय, पहले बनकर तैयार हो चुका है विधानसभा
– राजधानी के विकास को सीएम ने निजी क्षेत्र को भी आमंत्रित किया
गैरसैंण (चमोली), सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सचिवालय भवन का शिलान्यास किया। बताया गया कि पहाड़ी शैली में बनने वाले सचिवालय भवन के निर्माण पर 110 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इस दौरान राजधानी परिक्षेत्र के विकास के लिए सीएम ने निजी क्षेत्र को भी आमंत्रण दिया और 35 योजनाओं का लोकार्पण व 46 का शिलान्यास किया।
सिलकोट टी एस्टेट का हवाई सर्वे
सिलकोट टी एस्टेट का हवाई सर्वेक्षण भी किया। गैरसैंण दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिन की शुरुआत गैरसैंण के पास दूधातोली में पेशावर कांड के नायक वीर चंद्रसिंह गढ़वाली की समाधि पर पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने पौधा भी रोपा। पहले दूधातोली तक मुख्यमंत्री का पैदल जाने का कार्यक्रम था, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के चलते वे वहां हेलीकॉप्टर से पहुंचे। उन्होंने कहा कि ‘इस पवित्र स्थल पर स्वास्थ्य खराब होने के कारण पैदल न आ सका, लेकिन भविष्य में पैदल ही आऊंगा।’ वीर चंद्रसिंह गढ़वाली को महान देशभक्त और दूरदृष्टा बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण आंदोलन के शुरुआती दौर में गैरसैंण को राजधानी बनाने की भावना हर आंदोलनकारी के मन में थी। कहा कि राज्यवासियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ही ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाई गई है।
-अगले 10वर्षों में यहां 25 हजार करोड़ रुपये की मदद से अवस्थापना सुविधाओं का विकास होगा।
-भराड़ीसैंण में विकास योजनाओं का शिलान्यास करते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गैरसैंण में राजधानी परिक्षेत्र के विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बनने वाली कमेटी अल्प और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम करेगी।
-कमेटी विशेषज्ञों के साथ भी मंथन करेगी।
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत, कर्णप्रयाग के विधायक सुरेंद्र ङ्क्षसह नेगी, बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट, चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया, पुलिस अधीक्षक यशवंत ङ्क्षसह चौहान और एसडीएम कौश्तुभ मिश्र भी मौजूद थे।