कोरोना के लिए कीड़े मारने वाली दवाई बन सकती है ब्रह्मास्त्र

uttarakhand के कुछ हॉस्पिटलों में  कीड़े मारने वाली दवाई बन रही मददगार

देहरादून, दुनिया कोरोना की जंग से जूझ रही है. लेकिन दुनियाभर में इससे निपटने के लिए भी साइंटिस्ट रोज एक्सपेरीमेंट पर जुटे हुए हैं. कभी हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन से कोरोना को मात दिए जाने की बात हुई. अब आइवरमेक्टिन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसको एंटीपैरासाइट ड्रग भी कहा जाता है. दरअसल, जानकार बताते हैं कि आइवरमेक्टिन एक एेसी दवा है कि ये कई तरह के पैरासाइट का खत्म करता है. जानकार बताते हैं कि इसके अलावा इस मेडिसीन से मैक्रोलाइड ग्रुप एंटीबॉयोटिक पेट के कीड़े मारने में असरदार होती है. यही वजह है कि आजकल कोरोनाकाल में मरीजों को दून में आइवरमेक्टिन दवा दून हॉस्पिटल में दी जा रही है. जिसके परिणाम भी अच्छे बताया जा रहे हैं. सीनियर फिजीशियन डा. केसी पंत बताते हैं कि आइवरमेक्टिन, एचसीक्यूएस विटामिन ए व सी के साथ डॉक्टरों की ओर से सुझाव की जा रही है, जो पूरी तरह सेफ और इम्युनिटी को बढ़ाने में भी कारगर साबित हो रही है. दून के कोविड नोडल ऑफिसर डा. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि ये दवा कोविड-19 के मरीज के ट्रीटमेंट के लिए यूज किया जा रहा है. देखने में आ रहा है पॉजिटिव पेशेंट्स पर इसके सेवन से बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं.

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