

देहरादून, देहरादून के जौली ग्रांट एयरपोर्ट पर पिछले 3 दिनों से दो बंदरों ने वन विभाग के अलावा जौलीग्रांट एयरपोर्ट के कार्मिकों के नाक में दम कर के रखा। हालत यह रही कि इसके लिए वन विभाग के कर्मचारियों को पिंजरे की मदद लेनी पड़ी, उसके बाद ये बंदर बुधवार 25 दिसंबर को बमुश्किल पिंजरे में कैद हो पाए और अब वन विभाग के कर्मचारियों ने इन बंदरों को रेस्क्यू कर थानों के जंगलों में छोड़ दिया है। फिलहाल, वन विभाग कार्मिकों ने राहत की सांस ली है।
पहली बार एयरपोर्ट में घुसे बंदर
ये पहला मौका होगा जब, देहरादून एयरपोर्ट में कोई एनिमल घुस गए होंगे। मंडे को सुबह सुबह एयरपोर्ट पर ये बंदर घुस गए। आनन फानन में एयरपोर्ट के अधिकारियों ने वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद मौके पर वन कर्मचारी पहुंचे। पहली बार बंदरों को पकड़ने की कोशिश की, पकड़ में नही आये। फिर दुबारा पिंजरे मंगाए गए। पिंजरे में उनको कैद करने के लिए कई खाद्य सामग्री डाली गई। केला, संतरा, बिस्कुट, ड्राई फ्रूटस की मदद ली गयी।लेकिन उस दिन भी वे पकड़ में नही आये। आखिरकार बुधबार को बंदर पकड़ में आ सके।
अब अलर्ट कर दिया गया
बंदर एयरपोर्ट के छत में पहुच गए थे और नीचे उतरने का नाम नही ले रहे थे। जिससे एयरपोर्ट पर यात्रियों के काटने, फ्लाइट के उड़ने औरः टेकऑफ करने में खतरे के भी संभावनाएं से इनकार नही किया जा सकता था।फिलहाल कड़ी मशक्कत के बाद अब दोनों बंदरों को पकड़ लिया गया है, जीने थानों के जंगलों में छोड़ा गया है। इधर वन विभाग और एयरपोर्ट अथॉरिटी ने राहत की सांस ली है। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ने भविस्य में ऐसे वाइल्ड एनिमल्स एयरपोर्ट के अंदर प्रवेश न कर पाएं, इसके लिए अलर्ट किया है।