स्टेट गवर्नमेंट ने दिया कर्मचारियों को महंगाई भत्ते का तोहफा
-महंगाई भत्ता 9 से बढ़ाकर हुआ 12 प्रतिशत, गवर्नमेंट को 390 करोड़ का आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा
-परिवहन में परिचालकों के 367 पदों में भर्ती पर लगी रोक हटी, निगम में ही 200 बसें खरीद को मंजूरी
देहरादून, जनरल इलेक्शन की घोषणा से ठीक पहले स्टेट गवर्नमेंट ने राज्य कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही बड़ी मांग पूरी कर दी है. संडे को हुई कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत का इजाफा करने पर मुहर लगा दी है. यह महंगाई भत्ता 9 से बढ़कर 12 प्रतिशत हो जाएगा. बताया जा रहा है कि इस फैसले के बाद गवर्नमेंट को हर महीने 390 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा. कैबिनेट ने चार धाम ऑल वेदर रोड के निर्माण को दी जाने वाली वन विभाग की भूमि के बदले में निर्माणकर्ता एजेंसियों से भूमि की लागत के रूप में लिए जाने वाले 8.47 अरब रुपये भी माफ करने का निर्णय लिया है.
टिहरी प्रभावितों को सीवर व पानी का बकाया माफ
संडे को सीएम की मौजूदगी में सीएम आवास कैंप ऑफिस हुई कैबिनेट की बैठक में 17 मामले सामने आए. जिनमें से 15 पर चर्चा हुई और दो मामले स्थगित रहे. शासकीय प्रवक्ता व काबिना मंत्री मदन कौशिक ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि टिहरी बांध परियोजना से प्रभावित नई टिहरी में रहने वालों का बकाया पानी व सीवर टैक्स को भी कैबिनेट ने माफ करने पर हरी झंडी दिखा दी है. लेकिन भविष्य में जल व सीवर टैक्स पर निर्णय के लिए पेयजल मंत्री प्रकाश पंत की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित पर निर्णय लिया गया. कैबिनेट ने कर्मचारियों को केंद्र की तर्ज पर 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया. कर्मचारियों को अभी तक 9 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलता है. इस पर मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को 12 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का निर्णय लिया. महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2019 से लागू माना जाएगा. जबकि जनवरी से मार्च माह तक का एरियर कर्मचारियों के जीपीएफ में जाएगा. वहीं मंत्रिमंडल ने टिहरी बांध प्रभावित परिवारों के पेयजल व सीवर के लंबित टैक्स पर भी 75 करोड़ रुपए माफी पर अपनी मुहर लगाई. बताया गया कि सरकार इसका भुगतान पेयजल निगम को करेगी. फस्र्ट फेज में पेयजल निगम को 15 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
::बॉक्स::
फ्लोटिंग पावर सयंत्र को भी मंजूरी
कैबिनेट फ्लोटिंग पावर संयत्र के निर्माण को लेकर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ऊधमसिंहनगर के हरिपुरा व बोर में एक और तुमरिया में 100-100 मेगावाट के प्लांट लगाए जाने पर भी मंजूरी दी. इसका संचालन 25 वर्ष तक पीपीपी मोड से हो पाएगा. निर्माण का खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा. लेकिन इससे राज्य को हर वर्ष 34 करोड़ रुपये की बिजली मिलेगी. हालांकि कैबिनेट ने इस संबंध में हुए एमओयू व जलाशय में बांध बनाए जाने वाले क्षेत्र में मछली पकडऩे के टेंडर पर रोक लगा दी है.
::प्वाइंटर्स:::
-चार धाम ऑल वेदर रोड में निर्माणकर्ता एजेंसियों से भूमि की लागत के रूप में लिए जाने वाले 8.47 अरब माफ
-परिवहन विभाग में परिचालकों के 367 पदों में भर्ती पर लगी रोक हटी.
-निगम को फस्र्ट फेज में 200 बसें खरीद को मंजूरी.
-जबकि बाकी बसें 20-20 कर खरीदी जाएंगी.
-सहायक वन संरक्षकों को वन सेवा नियमावली में संशोधन.
-आरमोरर सेवा नियमावली में संशोधन.
-मेडिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट के खाली पदों पर आउटसोर्सिंग से भर्ती को हरी झंडी.
-मेडिकल सेवा चयन बोर्ड में विशेषज्ञों का मानदेय तय.
-अल्मोड़ा में हिमालयी रेशा के लिए बनने वाले सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस के लिए केंद्र को 0.4 हेक्टेयर लैंड देने पर मुहर.
-खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की नियमावली में संशोधन
-उप मुख्य विपणन अधिकारी का पद सृजित.
-जीबी पंत, भरसार औद्यानिकी व वानिकी विवि के कार्मिकों को 1 जनवरी 2016 से सातवां वेतनमान.
-विधानसभा के बजट के सत्रावसान को मंजूरी.
::बॉक्स::
महंगाई भत्ता बढ़ाने का कर्मचारियों में खुशी
देहरादून, राज्य कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ाने पर कैबिनेट की मुहर लगने से कर्मचारियों में खुशी की लहर है. कर्मचारियों ने फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि सरकार इसी तरह कर्मचारियों की अन्य मांगों पर भी विचार करेगी. उत्तराखंड अधिकारी-कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक ठाकुर प्रहलाद सिंह ने कहा है कि कैबिनेट का यह फैसला कर्मचारियों के हित में है. जिसका श्रेय सीएम को जाता है. कर्मचारी सरकार के इस फैसले पर सीएम का स्वागत करते हैं. वहीं समिति के प्रवक्ता अरुण पांडे ने कहा है कि सरकार के इस फैसले का कर्मचारी स्वागत करते हैं. इससे कर्मचारियों में दस सूत्रीय मांगों को लेकर आस जगी है.
