सीएम के विधान सभा क्षेत्र में 16 ग्राम पंचायतों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर

देहरादून, 18 फरवरी 2019, उत्तराखण्ड ठोस एवं अपशिष्ट प्रबन्धन नीति 2017 के क्रियान्वयन हेतु जिला स्तर पर गठित निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक विकासभवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी जी.एस रावत की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।इस अवसर पर जनपद के विकासखण्ड विकासनगर, सहसपुर एवं डोईवाला के 16 ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए जन जागरूकता अभियान चलाये जाने पर जोर दिया गया। बैठक में उन्होंने ग्राम विकास अधिकारियों एवं कनिष्ठ अभियन्ताओं को इन ग्राम पंचायतों की डीपीआर कार्य योजना का भतिभांति परीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में सेग्रिगेशन सेन्टर बनाया जाय साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जिस ग्राम पंचायत में सेग्रिगेशन सेन्टर नही बनाये जाते हैं ऐसी ग्राम पंचायतों को पर्फोमेंश ग्रान्ट स्वीकृत नही की जायेगी। उन्होंने कहा कि डीपीआर मानकों के आधार बनाई जाय, जिसमें विशेषकर जलापूर्ति, जल निकासी, सीवरेज एवं स्वच्छता जेसे कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाय। उन्होंने पाॅलिथीन के खिलाफ भी अभियान चलाये जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग, जिला मार्ग, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों से जुड़ी ग्राम पंचायतों का चयन योजनान्तर्गत किया जाय। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों की आय बढाने, रोजगार बढाने में भी कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी जाय। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनपद के 400 ग्राम पंचायतों में से 16 ग्राम पंचायतों को परर्फोमेंश ग्रान्ट दिया जायेगा साथ ही स्वजल एवं जनपद स्तरीय रेखीय विभागों से समन्वय बनाकर ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन कार्यों को अमलीजामा पहनाया जायेगा। बैठक में जिला पंचायतराज अधिकारी एम. जफर खान ने बताया कि विकासखण्ड विकासनगर, सहसपुर एवं डोईवाला की 16 ग्राम पंचायतों द्वारा वातावरण सृजन कर बैठक कर ली गयी है तथा इनकी डीपीआर प्रस्तुत कर दी गयी है, जिन्हे बैठक में अनुमोदित कर दिया गया है। बताया गया कि स्वजल द्वारा 112 ग्राम पंचायतों में ठोस एवं अपशिष्ट प्रबन्धन का कार्य चलाया जा रहा है तथा स्वच्छता समितियों के माध्यम से धनराशि व्यय की जा रही है। उन्होंने बताया कि जनपद की 62 ग्राम पंचायतें नगर निकाय क्षेत्रों में सम्मिलित हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि 14वें वित्त आयोग के अनुसार वित्तीय संसाधनों को बढाते हुए अब ग्राम पंचायतों को शत् प्रतिशत् धनराशि ठोस एवं अपशिष्ठ प्रबन्धन के लिए उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बैठक में उपस्थित ग्राम प्रधानों से कार्य योजना के अनुरूप कार्य शुरू करने को भी कहा। उन्होंने कार्य योजना के अन्तर्गत अनिवार्य रूप से प्रत्येक ग्राम पंचायत में सेग्रिगेशन सेन्टर बनाये जाने का अनुरोध प्रधानों से किया। उन्होंने बताया कि जनपद के विकासखण्ड विकासनगर की 2, सहसपुर 7 तथा डोईवाला की 7 ग्राम पंचायतों द्वारा ठोस एवं अपशिष्ट प्रबन्धन को लेकर कार्ययोजना बना ली गयी है। बैठक में जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी देहरादून समेत विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रधान ग्राम विकास अधिकारी, कनिष्ठ अभियन्ता एवं रेखीय विभागों से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।