
– निनाद की अंतिम सांस्कृतिक संध्या में देहरादून और भूटान के बैंड ने दी प्रस्तुति
– आज शाम को होगा उत्तराखंड की विभिन्न भाषाओं में बहुभाषीय कवि सम्मेलन

देहरादून। संस्कृति विभाग के तत्वाधान में आयोजित किए जा रहे निनाद महोत्सव की आखिरी सांस्कृतिक संध्या दो बैंड के नाम रही। पहले दून के कलेक्टिव बैंड ने अपनी प्रस्तुति दी और अंत में भूटान के प्रसिद्ध मिस्टी टेरेस बैंड की प्रस्तुतियों का दर्शकों ने आनंद लिया

रविवार रात नींबूवाला स्थित हिमालयन कल्चरल सेंटर में सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत और मे. ज. केपी सिंह (सेनि) ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया। सचिव संस्कृति युगल किशोर पंत ने नौ दिवसीय महोत्सव में सहयोग देने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। पहले कलेक्टिव बैंड, देहरादून के अमोघ अग्रवाल ने अपनी प्रस्तुतियों के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने बीटल्स के प्रसिद्ध देहरादून-देहरादून समेत कई सुपरहिट गीत गाए। उसके बाद भूटान के प्रसिद्ध मिस्टी टेरेस बैंड ने अपनी प्रस्तुतियां दी। उन्होंने प्रकृति पर आधारित कई गीत प्रस्तुत किए, जिनका दर्शकों ने जमकर आनंद उठाया। अंत में उन्होंने कबीरा, अच्छा चलता हूं दुवाओं में याद रखना, मेरा दिल भी कितना पागल है, कुछ-कुछ होता है, रातां लंबियां-लंबियां रे समेत हिंदी गीत गाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

आज होगा बहुभाषीय कवि सम्मेलन
निनाद महोत्सव में आज (सोमवार) शाम पांच बजे से उत्तराखंड की विभिन्न भाषाओं में कवि सम्मेलन आयोजित होगा। इसमें गढ़वाली, कुमाऊनी, जौनसारी व रवाँल्टी भाषाओं के कवि हिस्सा लेंगे।
